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आखिर भारतीय किसान क्यों है परेशान?
sanjeevnitoday.com | Sunday, June 18, 2017 | 12:43:32 PM
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नई दिल्ली। 'मां बच्चे को दूध तब ही पिलाती है जब बच्चा रोता है। अभी बच्चा काफी तेज रो रहा है।' भारत में खेती के हाल को एमपी किसान आंदोलन के मुखिया माने गए शिव कुमार शर्मा कुछ ऐसे ही बयां करते हैं। कक्का के नाम से मशहूर शर्मा राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष भी हैं। किसानों की दशा को लेकर वह कहते हैं, 'हम सभी जानते हैं कि किसान क्यों दुखी है। किसान निराशा की हदें पार कर चुका है और अब हमारे पास दो ही विकल्प हैं- आंदोलन या आत्महत्या।'

 

यह विचार केवल कक्काजी के नहीं बल्कि सभी किसान नेताओं के हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमिलनाडु के किसानों ने 41 दिनों तक प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार का ध्यान खींचने के लिए पेशाब पीने जैसे प्रतीकों का भी सहारा लिया। महाराष्ट्र में किसानों ने सब्जियों और दूध की सप्लाइ बंद कर दी और आखिर में सीएम देवेंद्र फडणवीस को यूपी की योगी सरकार की तरह ही लोन माफी का वादा करना पड़ा। 

RSS से जुड़े भारतीय किसान संघ के सचिव मोहिनी मोहन मिश्रा का मानना है कि लोन माफी इस समस्या का समाधन नहीं है। वह कहते हैं, 'सभी किसान कर्जमाफी की मांग नहीं कर रहे, कुछ कर रहे हैं। यूपीए की सरकार ने भी कर्जमाफी की थी और वीपी सिंह की सरकार ने भी कर्ज माफ किया था। असली किसान जानते हैं कि यह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है। एक ऐसी लॉलीपॉप जो उन्हें कर्जे से मुक्ति नहीं दिला पाएगी।'



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