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नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था को पहुंचेगा नुकसान: अरुण जेटली

Sanjeevni Today 02-12-2016 09:20:51

नई दिल्ली। अरुण जेटली ने कहा है कि 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला लिया  है  और गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) भारत के लिए गेमचेंजर साबित होंगे। इसके साथ ही उन्होंने उन शंकाओ  को भी खारिज किया कि  नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा अतः सरकार की योजना अगले साल एक अप्रैल से GST लागू करने की है। भुवनेश्वर में जेटली जी  ने  ‘इंडियन इकॉनमी-द न्यू नॉर्म’ नाम से आयोजित एक   सेमिनार में  कहा कि (GST और नोटबंदी) दोनों ही पासा पलटने वाली चाल  साबित होगी । ऐसा इसलिए कि जीएसटी का मनना कि इससे  केंद्र को अधिक राजस्व जुटाने में सहायता  मिलेगी, वहीं राज्यों को भी अधिक राजस्व प्राप्त होगा।

 


यह एक योग्य  टैक्स संबंधी व्यवस्था है। इससे जो  कामियां है उसे  दूर करने में मदद मिलेगी। इस प्रणाली से ओडिशा जैसे अधिक खपत वाले राज्यों को भी निश्चित रूप से मुनाफा  होगा। नोटबंदी के फैसले की तारीफ करते हुए जेटली ने कहा कि छुपी हुई करेंसी बाहर आना बड़ी बात है। नोटबंदी के कारण देश  भर में मौजूद  ईमानदारो  को काफी  फायदा मिल रहा है। वित्त मंत्री ने इस दौरान नोटबंदी के फैसले मे बाधा डाल रहे नेताओं और इससे जुड़ी खबरें दिखाने पर मीडिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि  देश मे सब कुछ बदला सिवाय नेता  और मीडिया वाले नहीं बदले। हमारे  पत्रकार हर घटना  का सिर्फ अयोग्य  पहलू ही सामने लाते हैं। 

 

उसके पीछे मौजूद सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि को अनदेखा  करते हैं। देश मे मची नोटबंदी की  हायतोबा को  लेकर   जेटली ने कहा कि जहां तक करेंसी में किए गए बदलाव की बात है, नोटबंदी की यह प्रक्रिया जैसे ही एक बार पूरी होगी और अर्थव्यवस्था अपनी पूरी गति से आगे बढ़ने लगेगी, उसके बाद सकल घरेलू उत्पादक   (जीडीपी) के आकार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और कर आधार भी बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा के रूप में अधिक पैसा पहुंचेगा जिसका  के भले के लिए प्रयोग  होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मौजूदा प्रयास चुनौतीपूर्ण व्यवस्थालगते हैं लेकिन दीर्घकाल में ये अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होंगे। 

 

सरकार के एकाएक नोटबंदी के फैसले से दिल्ली के   कई दशकों में सबसे बड़े टैक्‍स सुधार GST के अमल पर खतरा मंडराने लगा है। पश्चिम बंगाल के वित्‍त मंत्री अमित मित्रा ने  इस बारे में अवगत किया है। मित्रा  GST काउंसिल में शामिल हैं जो कि इस टैक्‍स की दरें और स्‍कोप पर मसौदा तैयार कर रही है। उन्होंने बुधवार को एक इंटरव्यू में कहा अब इस टैक्‍स को  अगले साल अप्रैल मे लागू होने की संभावनाएं कम हो गई हैं। नोटबंदी के फैसले से देश में अचानक धन संबंधी की स्थिति पैदा हो गई है। इससे ( GST)  के विचार   से पहले ही राज्यों के राजस्व का अधिक नुकसान होगा। गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स( GST) तमाम केंद्रीय और राज्‍य करों की जगह लागू होना है। इसके अमल में आने के बाद पूरा देश एक बाजार में बदल जाएगा। इससे राज्यों के टैक्स हटने से उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा  साथ  ही   केंद्र को इसकी भरपाई अगले पांच साल तक करनी पड़ेगी ।

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