loading...
loading...
loading...
रॉन्ग नंबर से कॉल आया और हो गया प्यार, लेकिन जब उसके घर पंहुचा तो उड़ गए होश स्वास्थ्य जांच शिविर में विभिन्न रोगों से ग्रसित 178 लोगों की जांच हुई सभी धर्म-मजहबों को सम्मान देना चाहिए हरियाणा: मुर्तजापुर के सरकारी पशु अस्पताल में पशु जांच शिविर का आयोजन भारत और विश्व के इतिहास में 25 जून की प्रमुख घटनाएं बहुत गौरवशाली रहा गोंड समाज का इतिहास: रामदुलार गोंड बड़ी सफलता: पुलिस एनकाउंटर में राजस्थान के खूंखार गैंगस्टर आनंदपाल की मौत, अन्य दो साथी अरेस्ट अनियंत्रित कार ने फुटपाथ पर सो रहे चार लोगो को कुचला आखिर मारा गया राजस्थान का कुख्यात बदमाश आनंदपाल Breaking News: पुसिस एनकाउंटर में गैंगेस्टर आनंदपाल मारा गया , मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी हुए घायल चिकित्सा विभाग द्वारा जारी स्थानान्तरण आदेश पर हाईकोर्ट द्वारा रोक गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर चीनी का अधिक सेवन हानिकारक जिले में बनेंगे सात नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीगंगानगर से जल्द शुरू होगी हवाई सेवाएं, जयपुर व दिल्ली से जुड़ेंगे लोग महिला विश्व कप 2017: मिताली सेना का विजयी आगाज, इंग्लैंड को दी 35 रन शिकस्त जीएसटी: 30 जून की आधी रात से पहले कर ले ये 9 काम... वीडियो: पंजाब में बीच सड़क पर नंगा घूम रहे बाबा की लोगो ने की जमकर पिटाई 5 किलो हीरोइन के साथ ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, विदेशों में भी करता था सप्लाई अमरनाथ यात्रा के लिए इच्छुक यात्री भंडारे वाले बालटाल पहुंचे
भारतीय कानून से छूट पाने के लिए सलेम पहुंचा यूरोपीय अदालत
sanjeevnitoday.com | Sunday, June 18, 2017 | 10:38:10 AM
1 of 1

 

मुंबई। 1993 के बम धमाकों के केस में हाल ही में दोषी करार दिए गए अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को सजा होने का एहसास काफी पहले ही हो गया था। शायद तभी फैसला आने के महीनों पहले 48 वर्षीय सलेम ने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) में याचिका दाखिल करके अपने पुर्तगाल वापसी की मांग की थी। उसने भारत में अपनी मौजूदगी और ट्रायल, दोनों को ही गैरकानूनी ठहराया है। 

दरअसल, पुर्तगाल के कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण की मंजूरी इस शर्त पर दी थी कि उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी। वहीं, बिल्डर प्रदीप जैन के मर्डर के मामले में दोषी ठहराए जाने के एक साल पहले 2014 में लिसबन की अदालत ने 2003 के प्रत्यर्पण के फैसले को खारिज कर दिया। 

पुर्तगाल की कोर्ट में सलेम ने दलील दी थी कि उसके खिलाफ ऐसे मामलों में ट्रायल चल रहा है, जिसमें उसे मौत की सजा हो सकती है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा था कि सलेम की पुर्तगाल वापसी पुर्तगाली सरकार की जिम्मेदारी है। अब सलेम पुर्तगाल के खिलाफ ECHR की शरण में पहुंचा है। वह चाहता है कि ECHR पुर्तगाली सरकार से उसकी वापसी सुनिश्चित कराए। 

सलेम ने यह याचिका जनवरी 2017 में ECHR में लगाई है। इसका मकसद अपने खिलाफ भारत में चल रहे ट्रायल को रोकना है। ECHR ने पुर्तगाल की सरकार से इस मामले में उसका पक्ष पूछा, जिसका जवाब मार्च में भेजा गया। वहीं, यूरोपीय अदालत ने सलेम से पूछा है कि क्या उसने दूसरी अदालतों या ट्राइब्यूनलों में कोई अर्जी लगाई थी? 

ECHR को भेजे गए जवाब में फरवरी में सलेम के यूरोपीय वकील ने कई दलीलों का जिक्र किया था, जिसके आधार पर उसके पुर्तगाल वापसी की मांग की गई थी। सलेम के मुंबई के वकील तारिक सैयद ने बताया कि प्रत्यर्पण का आदेश खारिज किए जाने और सलेम के पक्ष में फैसला आने के बावजूद उसे वापस पुर्तगाल ले जाने को लेकर कूटनीतिक कोशिशें नहीं की गई। इसी बात को ECHR में उठाया गया है। 



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.