भारत अकेले शांति के रास्ते पर नहीं चल सकता: पीएम मोदी ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंचे जोकोविच पड़ोस युवक ने पीया मासूम बच्ची का खून, मामला सुनकर उड़ जायेंगे होश एक बार फिर साथ नजर आएंगी ये जोड़ी AAP को छोड़ BJP में शामिल हो सकते है कुमार विश्वास नोटबंदी: गड़बड़ी करने वाले बैंकों के कर्मचारियों पर सरकारी कार्रवाई Sanjeevni Today: Top Stories of 9am जो शक्तिशाली पडोसी देश है उनके बीच मतभेद स्वाभाविक: PM मोदी ISI की साजिश थी, इंदौर-पटना एक्सप्रेस का पटरी से उतरना निक्केई 0.20% कमजोरी के साथ 18,776 ओबामा प्रशासन की ट्रंप पर फर्जी आरोप लगाकर कमजोर करने की कोशिश: पुतिन जो रूट नहीं खेलेंगे इस साल IPL, छोड़ने की बताई ये वजह आतंकवाद से निपटने के लिए भारत की सहायता की जरुरत है :अमेरिका दो साल में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ी डेढ़ गुना पढ़ें: इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी का दिन क्यों है खास पाकिस्तान विमान हादसा : जांच के लिए पायलटों के शव निकाले जाएंगे कब्र खोदकर! अपराधियों और बागियों के आलावा मुलायम की और से सबको OK 'आर्मी जवानो' को मिलेंगे मॉडर्न-हेलमेट, इसमें क्या होगा खास खुशखबरी : वोडाफोन 250 में देगा 4 जीबी डेटा डीविलियर्स ने क्रिकेट से संन्यास को लेकर दिया ये बड़ा बयान, कहा...
नेपाल की संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश
sanjeevnitoday.com | Wednesday, November 30, 2016 | 12:37:43 AM
1 of 1

काठमांडो: नए कानून को लेकर साल भर से जारी राजनीतिक संकट को खत्म करने की दिशा में नेपाल सरकार ने आज संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जिसके जरिये आंदोलनरत मधेसी पार्टियों एवं अन्य जातीय समूहों की चिंताएं दूर करने का प्रयास किया गया है। संसद के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिपरिषद द्वारा इसका मसौदा पारित किए जाने के बाद संविधान संशोधन विधेयक को संसद सचिवालय में पंजीकृत किया गया था। मंत्रिमंडल की बैठक आज दोपहर बालूवाटर में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई। प्रांतीय सीमाओं का पुन: निर्धारण और नागरिकता का मुद्दा, इन आंदोलनरत मधेसी पार्टियों की दो प्रमुख मांग है।

Image result for Nepal's Constitution Amendment Bill in Parliament

प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रावधानों में संशोधन...
आज संसद में पेश विधेयक में प्रांतीय सीमाओं के पुनर्निर्धारण, विभिन्न भाषाओं को मान्यता देने, नागरिकता और राष्ट्रीय असेंबली में प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है। संसदीय सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह विधेयक नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 296 के मुताबिक लाया गया है जो पंजीकरण के पांच दिन बाद परिपक्व होगा।

यह भी पढ़े: नोटबंदी के बीच आईएएस अफसरों ने सिर्फ 500 रूपये में रचाई शादी

यह भी पढ़े: ये है दुनिया के सबसे पेचीदा 21 तथ्य जिनका जानना बेहद जरुरी... पढ़े एक बार

यह भी पढ़े: जिंदगी भर के लिए छिन गयी इस लड़की की हंसी... पढ़ना ना भूले

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

 



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.