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भारत ने आतंकवाद को किसी आतंकी संगठन तक सीमित नही रखा: विदेश मंत्रालय
sanjeevnitoday.com | Tuesday, October 18, 2016 | 12:46:19 PM
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पणजी। ब्रिक्स गोवा एक्शन प्लान में जैश-ए-मोहम्मद या किसी और पाक समर्थित आतंकी संगठन को शामिल नहीं कर पाना भारत की असफलता है, इसे भारत सरकार ने सिरे से नकार दिया। भारत सरकार का कहना है कि 8वीं ब्रिक्स समिट के दौरान मेजबान भारत की कोशिश सिर्फ आंतकवाद को ब्रिक्स- बिमस्टेक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाकर एक आम सहमति बनाने की कोशिश थी और भारत इसमें सफल रहा है। भारत आतंकवाद को एक वैश्विक समस्या मानता है, ना कि किसी देश या आतंकी संगठन से उसे जोड़ता है।

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गोवा में हो हुई 8वीं ब्रिक्स समिट के समापन के बाद सोमवार शाम भारत सरकार की ओर विदेश मंत्रालय ने तीन दिनों को पूरे घटनाक्रम पर सवालों के जवाब दिए। ये पूछे जाने पर कि क्या ब्रिक्स गोवा एक्शन प्लान में पाक समर्थित किसी आतंकी संगठन का नाम शामिल नहीं करना या पाकिस्तान का सीधे तौर पर उल्लेख भारत की असफलता नहीं है, विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि वैश्विक राजनायिक परिदृश्य में ये बातें संभव नहीं होती। हमारी कोशिश ब्रिक्स-बिमस्टेक जैसे मंचों पर आतंकवाद के मुद्दे को उठाना था। 

भारत के प्रधानमंत्री ने तो सीधे तौर पर अपने एक पड़ोसी को आतंकवाद की जननी तक कह डाला। इतना ही नहीं भारत ने ब्रिक्स और बिमस्टेक सदस्य देशों के साथ हुई हर बैठक में आतंकवाद, खासकर भारत की सीमा से लगे क्षेत्र से आतंकवाद के पोषण की बात की है। हमारे प्रधानमंत्री ने तो यहां तक कह दिया था कि दुनिया में आतंकवाद का अंधेरा हमारे पड़ोस से ही फैल रहा है। प्रधानमंत्री का पूरी दुनिया को ये इशारा ही काफी था, जब उन्होंने कहा कि ये हमारा दुर्भाग्य है कि वैश्विक आतंकवाद के सूत्र हमारे पड़ोस में भी मिल जाते है।

विदेश मंत्रालय की मानें तो भारत ने जिस तरह से ब्रिक्स और बिमस्टेक को एक साझा मंच पर लाकर आतंकवाद को लेकर एक आम सहमति बनाई है, वैसे पहले कभी नहीं हुआ। इसीलिए ब्रिक्स-बिमस्टेक के इस पूरे आयोजन में भारत का आतंकवाद को लेकर प्रयास सफल रहा है। यह बात दीगर है कि भारत के ब्रिक्स और बिमस्टेक सदस्य देशों के साथ आतंकवाद पर पुरजोर तरीके से बात करना और इशारों में पाकिस्तान को आतंकवाद का जनक बताना चीन को नहीं भाया है। 

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