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कतर जासूसी कांड में मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार
sanjeevnitoday.com | Sunday, September 17, 2017 | 09:41:29 AM
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नई दिल्ली। मिस्र की एक अदालत ने शनिवार को कतर के लिए जासूसी करने के आरोप में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। साथ ही फैसले को चुनौती देने पर भी पाबंदी लगा दी है। मुर्सी को अब 25 साल की सजा काटनी होगी। मिस्र में आजीवन कारावास के तहत 25 साल के कैद का प्रावधान है। खबरों के अनुसार, मिस्र की सर्वोच्च अपील अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन ने कहा कि मोरसी के खिलाफ फैसला अंतिम है और इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती है। 

 

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अदालत ने इसी आरोप में मुस्लिम ब्रदरहुड के तीन प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ भी मौत की सजा को बरकरार रखा है। अभियुक्तों पर कतर को सशस्त्र बलों के बारे में वर्गीकृत दस्तावेज देने का आरोप लगाया गया था। यह दस्तावेज मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकते थे। मिस्र में आजीवन कारावास की सजा मिलने पर 25 वर्ष जेल में रहना पड़ता है। 

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आपको बता दें होस्नी मुबारक के सत्ता से बेदखल होने के बाद मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता मुर्सी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पहले राष्ट्रपति थे। इसके बाद वर्ष 2013 में प्रचंड जनविद्रोह के बीच अब्देल फतह अल-सीसी ने उनका तख्ता पलट कर दिया था। कतर जासूसी कांड में निचली अदालत ने पिछले साल जून में उन्हें 40 साल कैद की सजा सुनाई थी। 

 

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