देश और दुनिया के इतिहास में 18 अक्टूबर की महत्वपूर्ण घटनाएं राशिफल : 18 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए बुधवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें दूध से स्किन की समस्याओं को करें दूर शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके... देश के प्रत्येक जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने की तैयारी कर रही है सरकार: मोदी चोटी काटने की घटनाओं की साजिश रचने वालो को नंगा करना बेहद जरूरी: फारूक अब्दुल्ला हरियाणवी गायिका एवं डांसर हर्षिता दहिया की गोली मारकर हत्या यूपी में खुलेंगे 500 ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरकार ने सातवां वेतन आयोग लागू कर राज्य कर्मचारियों को दिवाली की सौगात दी सुरेश खन्ना ने कहा- ताजमहल को राष्ट्रीय धरोहर मानती है सरकार ब्रिटेन में आतंकी हमलों के बाद घृणा अपराध में 29 फीसदी का इजाफा B' Day special: टीम इंडिया ने हार्दिक पंड्या का 24वां जन्मदिन मनाया, शेयर की फोटो मानगढ़ धाम को क्यों कहा जाता जलियावाला बाग? पढ़िए पूरी कहानी ईरान मैक्सिको को हराकर U-17 फुटबॉल विश्व कप के अंतिम आठ में पहुंचे बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में बनेगा राष्ट्रीय जनजाति संग्रहालय 'ताजमहल भारत मां के सपूतों के खून-पसीने से बना है': CM योगी दिल्ली में एयर क्वालिटी खतरनाक स्तर पर, डीजल जनरेटर तक को करना पड़ा बैन न्यूजीलैंड को बोर्ड इलेवन ने अभ्यास मैच 30 रनों से धोया मुख्यमंत्री ने दिया राज्य कर्मचारियों को दीपावली का तोहफा, राज्य कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू BCCI की अपील पर केरल हाईकोर्ट ने श्रीसंत पर जारी रखा आजीवन बैन
सेकंडो में कई किमी तय करेगी ये Hyperloop ट्रैन, रफतार 804 किलोमीटर प्रति घंटा
sanjeevnitoday.com | Saturday, September 16, 2017 | 09:21:02 AM
1 of 1

नई दिल्ली। भारत के तीन शहरों को हाइपरलूप प्रोजेक्ट के लिए चुना गया हैं। इसके लिए पहले 2,600 जगहों को चुना गया जिसके बाद सेमीफाइनल के तौर पर सिर्फ 17 देशों को चुना गया। दुनिया के 26,00 शहरों में से भारत के कुछ चुनना शहर भी चुने गए हैं। सेमीफइनल के तोर पर सिर्फ 17 देशो को ही चुना गया। तो जानते हैं क्या हैं हाइपर लूप ,और कौन कौन से शहरों में इसका पड़ाव हैं। 

Hyperloop आखिर हैं क्या ?
आने वाले वक्त में ट्रेन के सफर के तरीके और समय में बड़ा बदलाव आ सकता है।  ये संभव होगा हाइपरलूप तकनीक से।  Hyperloop एक ऐसा माध्यम है जिसे लंबी दूरी मिनटों में तय की जा सकती है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर इसे शुरू किया है। हाईपरलूप में एक सील की ट्यूब की सीरीज होती है जिसके जरिए किसी भी घर्षण और हवा के रूकावट के बिना लोगों को एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा कराई जा सकती है। इसमें ट्रेन जैसे ही लोगों के लिए जगह होगी।

यह भी पढ़े: संस्कारी बहू हुई बोल्ड, करेगी ‘लैला ओ लैला‘ पर डांस

कहा-कहा से होकर जायगी हाइपरलूप...
Hyperloop One ने एक कॉन्टेस्ट आयोजित किया था जिसमें दुनिया भर के जगहों को हाइपरलूप के लिए चुना जाना था। अब कंपनी ने 10 जगहों को चुना है जहां दुनिया के पहले हाइपरलूप ट्रैक बनाए जा सकते हैं।पांच देशों के इन 10 जगहों में भारत भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको और कनाडा जैसे देश शामिल हैं जहां हाइपरलूप का ट्रैक तैयार किया जा सकता है। गौरतलब है कि 26 आवेदन में सिर्फ 10 जगहों को चुना गया है।


भारत के किन शहरों में हैं इसका पड़ाव ...
हाइपरलूप के सईओ रॉब लॉयड ने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखा है।  ‘कॉन्टेस्ट के लिए भेजी गई एंट्रियों में भारत की दावेदारी प्रबल थी और यहां के दो रूट सेलेक्ट किए गए हैं। इनमें बंगलुरू से चेन्नई और मुंबई से चेन्नई शामिल हैं।

नीति आयोग की खुलकर तारीफ...
नीति आयोग के सईओ अमिताभ कांत ने भारत में हाइपरलूप के एक इवेंट में कहा है, ‘हम अर्बनाइजेशन के प्रोसेस को कैसे विस्तार करते हैं यह भारत के रैपिड ग्रोथ में अहम रोल निभाता है। बिना डिस्रप्शन के लिए यह संभव नहीं है। हाइपरलूप ने जो पेश किया है वो काफी बदलाव लाने वाली तकनीक है जो कई देशों को उंची छलांग लगाने में मदद करेगा’ ।
2600 जगहों को चुना गया था। कंपनी ने पहले 2,600 जगहों को चुना जहां हाइपरलूप ट्रैक लगाना संभव हो और आखिरकार 10 को चुना गया है। इस कॉन्टेस्ट में दुनिया भर के वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर्स ने लूप्स के लिए अपने आवेदन दिए हैं। लूप उस टनल को कहा जाता है जो जिसके जरिए हाइपरलूप वन अपने पॉड्स भेजेगा जिसमें यात्री होंगे।


कहा तक पहुँचा हाइपरलूप का प्रोजेक्ट ...
जिन 5 देशों के 10 जगहों को इसके लिए चुना गया है अब इनके प्रतिनिधि और टीम अब हाइपरलूप वन के साथ काम करेंगी और इन 10 जगहों पर ट्रैक बनाने के लिए गहन अध्यन करेंगी। क्योंकि इस प्रोपोजल को असलियत में लाने के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है. फिलहाल हाइपरलूप एक कॉन्सेप्ट है, लेकिन इसकी टेस्टिंग की जा रही है।

यह भी पढ़े: 'OMG': क्या इस बार भी भगवान श्री कृष्ण के रोल में नजर आएंगे अक्षय कुमार?

हाइपरलूप की हैरतअंगेज़ रफ़्तार ...
आप हाइपरलूप की तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि यह हवाई जहाज और बुलेट ट्रेन से भी फास्ट हो सकता है। अगर कॉन्सेप्ट असल जिंदगी में आया तो पैंसेंजर ट्यूब में पॉड के सहारे यात्रा कर सकते हैं। इस पॉड में मैग्नेटिक लेविएशन और कम फ्रिक्शन यूज किया जाएगा जिससे इसका मूवमेंट काफी फास्ट होगा। हाल ही में दूसरी बार कॉन्सेप्ट के तौर पर एक रेगिस्तान में हाइपरलूप की टेस्टिंग की गई है।

भारत सरकार से इजाजत की मांग ...
भारत में हाइपरलूप के अधिकारी लगातार सरकार से बातचीत कर रहे हैं ताकि यहां ट्रैक लगाने की इजाजत मिल सके। कंपनी के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि भारत सरकार इसके लिए इजाजत देगी। अगर इजाजत मिली तो वो यहां डेमोंस्ट्रेशन के लिए एक सेटअप तैयार करेंगे।

सिर्फ 25 मिनट से भी कम टाइम में बंगलुरू से चेन्नई...

भारत में अगर यह सेटअप ट्रैक लगाया गया और सफल परीक्षण हुआ तो बंगलुरू से चेन्नई की दूरी सिर्फ 23 मिनट में तय की जा सकेगा। आपको बता दें कि चेन्नई से बंगलुरू 334 किलोमीटर है। मुंबई से चन्नई की दूरी 1102 किलोमीटर है और हाइपरलूप प्रोजेक्ट से यह सिर्फ 63 मिनट में तय की जा सकेगी। सबसे पहले 2012 में टेस्ला के फाउंडर एलोन मस्क ने इसका कॉन्सेप्ट रखा और तब से अभी तक इसका डेवलपमेंट चल रहा है।

दिल्ली से मुंबई सिर्फ एक घंटे में ...
टेस्ला के अधिकारी इसे भारत में लाना चाहते हैं और उन्होंने डेमोंस्ट्रेशन के जरिए बताया है कि दिल्ली से मुंबई की दूरी पैसेंजर्स घंटे भर में कर सकते हैं।  यह हवाई जहाज से की जाने वाली यात्रा से फास्ट और उसके मुकाबले थोड़ा सस्ता भी होगा। हालांकि सरकार ने अभी इसके लिए इजाजत नहीं दी है।

नहीं राश आ रही तत्काल स्पीड और बढ़ाने का प्लान...
टेस्टिंग के दौरान इसकी स्पीड 309 किलोमीटर प्रति घंटे रही, लेकिन इसे और तेज करने का प्लान है। एक साल तक कंपनी ने हाईपरलूप का लो स्पीड टेस्ट किया, लेकिन आखिरकार इसकी टेस्टिंग स्पीड से की गई है। 29 जुलाई को हाईपरलूप वन के प्रोटोटाइप पॉड को 500 मीटर लंबे टेस्ट ट्यूब में छोड़ा गया था।  टेस्टिंग के दौरान हाईपर लूप वन ने लगभग 309 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे तेज हाईपरलूप टेस्ट है।


हाइपरलूप की हाइब्रिड वर्शन की रफ़्तार 804 किलोमीटर प्रति घंटा...
कुछ महीने पहले हाईपरलूप वन का पहला परीक्षण किया गया था। कंपनी आगे भी इसकी टेस्टिंग जारी रखेगी। कंपनी ने एक रूट प्लान किया है और इसके मुताबिक अबु धाबी से दुबई के बीच इसे 804 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाए। उदाहरण के तौर पर 160 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 12 मिनट में तय की जा सकेगी. यानी अगर भारत में इसकी शुरुआत हुई तो दिल्ली से आगरा आधे घंटे से भी कम में पहुंच सकते है।

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.