आज का राशिफल (18 जनवरी 2017) सुल्तान कुतबुद्दीन ऐबक का इतिहास ये है ऐसा देश जहां मर्द करते है महिलाओ की गुलामी.. जानिये बंदर को भी टीवी देखने में आता है मजा... भारत के महान शहीदों और वीरो से संबंधित जानकारी और तथ्य ...तो जियो यूजर्स को 31 मार्च 2017 के बाद भी मिल सकती है फ्री सेवा इसलिए लिया भगवान श्री गणेश ने विकट अवतार बाप रे! इतनी ठंड की बर्फ में लोमड़ी तक जम गई... OMG यह है अजीबोगरीब परम्परा : यहाँ हजारों लोगों के बीच भस्म हुआ मंदिर... रिकार्ड बनाकर भी न्यूजीलैंड से हारा बांग्लादेश डि'विलियर्स ने अटकलों पर लगाया विराम, नहीं लेंगे किसी भी फॉर्मेट से सन्यास भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हिंसक आंदोलन, फायरिंग में एक की मौत 9 बाइक चोर आठ बाइक के साथ रंगे हाथ पकडे गए... हार्दिक ने सरकार को ललकारा, कहा- आरक्षण नहीं देंगे तो छीन कर लेंगे ट्रेलर रिलीज : बोल्डनेस का सबूत देती है 'माया' रिश्वत लेते महिला कर्मी रंगेहाथ गिरफ्तार भारत अकेले शांति के रास्ते पर नहीं चल सकता: मोदी नहीं रहे चांद पर जाने वाले आखिरी व्यक्ति एक वीडियो ने रातों-रात बना दिया स्टार पाक सिंगर को... साईकिल को मिला हाथ का साथ, यूपी में महागठबंधन का फार्मूला तय: कांग्रेस 80, सपा 280 व आरएलडी को 20 सीटें
सचिन तेंदुलकर: सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अपील है, खिलाड़ियों को नौकरी देना शुरू करें!
sanjeevnitoday.com | Monday, November 28, 2016 | 06:37:46 PM
1 of 1

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन  सचिन चाहते हैं कि रोज़ी की फिक्र किसी खिलाड़ी का हुनर ​​न छीनें। खिलाड़ियों की नौकरी को लेकर भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी फिक्रमंद हैं और उन्होंने खिलाड़ियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है। सचिन ने मांग की है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां खिलाड़ियों को नौकरी देना शुरू करें .मौका था मुंबई पुलिस जिमखाना के 69 वें पुलिस आमंत्रण शील्ड के फाइनल का, जिसे कर्नाटक स्पोर्टिंग एसोसिएशन ने एमआईजी क्रिकेट क्लब को हराकर जीता। इस मौके पर सचिन ने कहा, 'पहले अनुबंधित खिलाड़ी कम थे, खिलाड़ियों के पास नौकरी की सुरक्षा थी जो आज नहीं है। 


पहले खिलाड़ियों को दूसरी चीज़ों के बारे में सोचने की ज़रूरत नहीं थी। वे पूरा ध्यान खेल पर लगाते थे। नौकरी की चिंता खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डालती है। मैं सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अपील करूंगा कि वे खिलाड़ियों को नौकरी देना शुरू करें, उनका समर्थन करें उन्हें सुरक्षा दें.'मुंबई में स्कूल लीग में अब 14 खिलाड़ी खेल रहे हैं। यह आइडिया भी 'मास्टर ब्लास्टर का था। इसके पीछे का मकसद खिलाड़ियों को अधिक मौके देना था। उन्होंने कहा, 'ये थोड़ा देर से आया, लेकिन न आने से ठीक है 

मैं चाहता था कि ज्यादा खिलाड़ियों को मौका मिले। पहले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी भी मिल जाती थी, लेकिन बढ़ती आबादी और घटती नौकरियों के बीच ये आंकड़ा घटता गया। अब आसरा निजी कंपनियों से है। वैसे खेल मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि ओलिंपिक, एशियाई खेलों या वर्ल्ड चैंपियनशिप में तमगा जीतने वालों को सीधे क्लास 'ए' और 'बी' की नौकरी भी मिले, पहले स्पोर्ट्स कोटा के तहत ये नौकरियां नहीं मिलती थीं। सचिन की गुजारिश निजी कंपनियों से है लेकिन उनके कद को देखते हुए हो सकता है खिलाड़ियों की नौकरी को लेकर सकारात्मक रूख सब रखें।

यह भी पढ़े: तर्क ! इन कारणों को वजह से बढ़ रहा लड़कियों का बलात्कार ...पढ़िए जरा

यह भी पढ़े : 5 बच्चो की थी माँ, हुई कामुक फिर 20 साल के लड़के को कर लिया कमरे में बंद और ...

यह भी पढ़े: दिलचस्प..! लड़कियां न्यूड होकर करती हैं तेज गाड़ियों की स्पीड को कंट्रोल…

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.