कश्मीरा-कृष्णा ने गोवा में की मस्ती, देखें तस्वीरें भारत में लॉन्च हुआ ड्यूल डिस्प्ले के साथ HTC U Ultra और U Play तेलंगाना के CM ने तिरुमाला में दान किए 5 करोड़ के आभूषण परिवार में झगड़े के कारण कांग्रेस से किया गठबन्धन: अखिलेश अजरबैजान के राष्ट्रपति ने अपनी पत्नी को बनाया उपराष्ट्रपति BS-IV इंजन के साथ सुजुकी ने भारत में लांच किये नए टू-व्हीलर 66 रुपये की गिरावट के साथ सोना हुआ 29,235 रुपये किम जोंग नाम की हत्या के मामले में जांचकर्ताओं ने उत्तर कोरिया के राजनयिक को बनाया वांछित Sanjeevni Today: Top Stories of 1pm Facebook पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले दुनिया के पहले नेता बने मोदी प्रियंका चोपड़ा ने पब्लिक प्लेस पर किया ये काम, दखें तस्वीरें 1000 रुपए का नोट जारी करने की योजना नहीं, सिर्फ 500 के नोटों की होगी सप्लाई: दास ब्रिटेन में शिक्षा की चाह रखने वाले इंडियन स्टूडेंट्स के लिए ख़ुशी की खबर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट तोड़ सकते हैं सचिन का ये बड़ा रिकॉर्ड परिवार के झगड़े ने कराया सपा- कांग्रेस का गठबंधन: अखिलेश यादव सोनम कपूर ने करवाया Bridal फोटोशूट, देखें तस्वीरें जानिए, IT सेक्टर में फ्रेशर्स को कम सेलेरी मिलने का कारण मतदान करना हमारा सबसे बड़ा अधिकार है: प्रियंका चोपड़ा बिहार: विधानसभा में गूंजेगा सेक्स रैकेट का मुद्दा, पीड़ित ने लगाई इंसाफ की गुहार श्रीलंका दौरे के लिए बांग्लादेश की 16 सदस्यीय टीम का हुआ ऐलान
बच्चों की आध्यात्मिक शिक्षा (बहाई धर्म के अनुसार)
sanjeevnitoday.com | Tuesday, October 18, 2016 | 07:48:39 PM
1 of 1

दुनिया के बच्चों की आकांक्षाओं के एहसास और  उनकी आध्यात्मिक शिक्षा की जरूरत को समझते हुए , भारत के बहाईयों ने इन बच्चों के हमेशा बढ़ने वाले दलों के लिए प्रयासों को और अधिक विस्तृत कर, दिया जिससे कि ये बच्चों के आकर्षण का केंद्र बन सकें और सामाजिक कार्यों और आध्यात्मिकता की जड़ों को समाज में मजबूत कर सकें. बच्चो को यह समझने ने मदद करना कि वे एक विश्व-नागरिक हैं और यह उनका नैतिक  कर्त्तव्य है कि वे दूसरों की सहायता किसी जाति, रंग या नस्ल का विचार किये बिना करें.
 
बच्चे किसी भी समाज का सर्वाधिक मूल्यवान संसाधन होते हैं. बहाई मानते हैं कि  जीवन में सकारात्मक और जिम्मेदार विकल्प चुनने के लिए बच्चों की क्षमताओं के संपोषण हेतु उनका आध्यात्मिक , सामाजिक और बौद्धिक  प्रशिक्षण आवश्यक है .
"बहाउल्लाह लिखते हैं कि : "मनुष्य को मूल्यवान जवाहरात की खान के रूप में समझो और केवल शिक्षा ही इसके गुणों को बाहर ला सकती है ,इसके कोष को प्रकट कर सकती है तथा मानवजाति को उसके लाभ प्राप्त करवा सकती है".
 
बहाई सभी पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए इन कक्षाओं का आयोजन करते हैं.  कक्षाओं का उद्धेश्य आवश्यक गुणों जैसे कि सत्यवादिता, विश्वसनीयता, ईमानदारी और न्याय  को विकसित  करना है. इसका उद्धेश्य एक मजबूत नैतिक ढांचा तैयार करना है ताकि जीवन के भौतिक, बौद्धिक , एवं आध्यात्मिक पहलू में श्रेष्ठता प्राप्त करने में बच्चों की सहायता की जाये.

वर्तमान में बच्चों के लिए 1000 से अधिक बहाई नैतिक कक्षाओं  का आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है.

Read more: भारत में बहाई धर्म

Read more बहाई धर्म क्या है, नियम और इस के उद्देश्य

Read more: मानव-आत्मा (बहाई धर्म के अनुसार)

Read more: उपासना (बहाई धर्म के अनुसार)

Read more : उदार जीवन (बहाई धर्म के अनुसार)



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.