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धर्म से ही मिलती है जीवन को सही दिशा
sanjeevnitoday.com | Monday, October 9, 2017 | 05:23:21 AM
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हिसार। धर्मही मनुष्य को जीने की कला सिखाता है तथा टूटे हुए दिलों को पुन: जोड़ने का कार्य करता है। धर्म से ही जीवन को सही दिशा मिलती है और तभी उसकी दशा सुधरती उक्त उद्गार विरंजन सागर महाराज ने सेक्टर-13 में आयोजित धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए अपने प्रवचनों में कहे। 

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प्रवचनों से पूर्व एडवोकेट देवेंद्र जैन, मधु जैन, आशीष जैन, आंचल जैन, नमन जैन, श्रेया जैन, जितेंद्र जैन, प्रतीक जैन ने मुनिश्री की आरती उतारकर उनका भव्य अभिनंदन किया। मुनि श्री ने ‘धर्म से ही जीवन की दशा दिशा सुधरती है। उन्होंने विस्तार से व्याख्या करते हुए फरमाया कि मनुष्य का जीवन सुख के स्थान पर दुख का महासागर बन गया है। आनंद के स्थान पर निराशा दिखाई देती है। सुख का कोष पीड़ा का पर्याय बन गया है, क्या हम जानते हैं ऐसा क्यों है क्योंकि जो भावनाएं सुख-शांति दे सकती थी उनका लोप हो गया। 

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धर्म और त्याग की भावना लगभग समाप्त हो चुकी है। हम त्याग की साधना कर पा रहे हैं और भगवत भक्ति की भावना। साधना तो हमेशा धर्म की भावना से की जाती है। धर्म ही मनुष्य को जीने की कला सिखाता है हिंसा की अनुमति नहीं देता। इसलिए हमें अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिए और धर्म को नहीं छोड़ना चाहिए। महाराज विसौम्य सागर ने अपनी ओजस्वी वाणी से सुंदर भजनों काे गाया। 

 

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