वजन कम नहीं करते ये सिंगर, तो हो जाती इनकी मौत टाटा मैजिक ने बाइक को मारी टक्कर, बाइकसवार की हालत गंभीर कांग्रेस ने संसद की कार्यवाही बाधित होने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया.. जूनियर हॉकी विश्वकप : भारत ने कनाडा को 4-0 से हराया जानिए, ये हैं मोहब्बतें के कलाकार कर रहें हैं डबल सेलिब्रेशन की तैयारी सड़क हादसे में नाबालिग की मौत, स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर किया विरोध उत्तर भारत पर घने कोहरे की चादर,ट्रेनों सहित कई उड़ाने प्रभावित कुंआ धंसकने से एक मजदूर की मौत, एक घायल रईस’ के बाद जल्द छोटे पर्दे पर वापसी करेंगे किंग खान अमेरिका का ‘बड़ा रक्षा साझेदार’ बनेगा भारत भारत के सख्त रुख से घबराया पाक,बासित बोले भारत के साथ नहीं रखना चाहते दुश्मनी नोटबंदी: 30 दिसंबर तक लोगों को राहत नहीं मिलने पर मोदी सरकार का विरोध तेज कर सकती है शिवसेना.. दुष्कर्म में असफल रहने पर बच्चे व पति पर किया हमला, हालत गंभीर चूहा पकड़ अभियान ! चूहों को गिरफ्तार करने के लिए पार्को को किया बंद रेलवे बुकिंगकर्ता रिफंड को लेकर परेशान मैं नोटबंदी से खुश हूं, यह कदम एकदम सही है: शरमन जोशी नरेश हत्याकांड: धौलपुर से बसपा विधायक बीएल कुशवाह को उम्रकैद हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास, एक लाख का जुर्माना पुरस्कार पाने या नहीं पाने से संगीत प्रभावित नही होता है: अनुष्का डीजल-पेट्रोल, बीमा पालिसी, रेल टिकट के लिए कार्ड, आनलाइन भुगतान पर मिलेगी छूट..
नए मकान की नींव में इसलिए ही गाड़ा जाता है सर्प और कलश : बहुत दिलचस्प है वजह
sanjeevnitoday.com | Friday, December 2, 2016 | 06:58:21 AM
1 of 1

नई दिल्ली। ऐसा माना जाता है कि जमीन के नीचे पाताल लोक है और इसके स्वामी शेषनाग हैं। पौराणिक ग्रंथों में शेषनाग के फण पर पृथ्वी टिकी होने का उल्लेख मिलता है।शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्।। यो धारयति भूतानि धरां चेमां सपर्वताम्।। इन परमदेव ने विश्वरूप अनंत नामक देवस्वरूप शेषनाग को पैदा किया, जो पहाड़ों सहित सारी पृथ्वी को धारण किए है। उल्लेखनीय है कि हजार फणों वाले शेषनाग सभी नागों के राजा हैं। भगवान की शय्या बनकर सुख पहुंचाने वाले, उनके अनन्य भक्त हैं। बहुत बार भगवान के साथ-साथ अवतार लेकर उनकी लीला में भी साथ होते हैं। श्रीमद्भागवत के 10 वे अध्याय के 29 वें श्लोक में भगवान कृष्ण ने कहा है- अनन्तश्चास्मि नागानां यानी मैं नागों में शेषनाग हूं।

शेषनाग अपने फण पर पूरी पृथ्वी को धारण किए

नींव पूजन का पूरा कर्मकांड इस मनोवैज्ञानिक विश्वास पर आधारित है कि जैसे शेषनाग अपने फण पर पूरी पृथ्वी को धारण किए हुए हैं, ठीक उसी तरह मेरे इस घर की नींव भी प्रतिष्ठित किए हुए चांदी के नाग के फण पर पूरी मजबूती के साथ स्थापित रहे। शेषनाग क्षीरसागर में रहते हैं। इसलिए पूजन के कलश में दूध, दही, घी डालकर मंत्रों से आह्वान पर शेषनाग को बुलाया जाता है, ताकि वे घर की रक्षा करें। विष्णुरूपी कलश में लक्ष्मी स्वरूप सिक्का डालकर फूल और दूध पूजा में चढ़ाया जाता है, जो नागों को सबसे ज्यादा प्रिय है। भगवान शिवजी के आभूषण तो नाग हैं ही। लक्ष्मण और बलराम भी शेषावतार माने जाते हैं। इसी विश्वास से यह प्रथा जारी है।

यह भी पढ़े : 3 तलाक के विरोध में जज को लिख डाला खून से खत

यह भी पढ़े : पर्दा प्रथा ! भारत में इस तरह शुरुआत हुई पर्दा प्रथा की, बड़ी दिलचस्प है वजह

यह भी पढ़े: इस गांव में सुनसान पड़े है सभी बैंक और ATM, जानिए वजह

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.