राशिफल : 24 अगस्त : कैसा रहेगा आपके लिए गुरुवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें समाज और स्वास्थ्य के बीच की अहम कड़ी है आशा कार्यकर्ता टीवी शो में मीका सिंह ने गाए तीन गानें, फीस सुनकर हैरान रह जाएंगे आप धर्म की हानि होने पर भगवान का अवतरण होता है शिविर में 400 से अधिक लोगो का स्वास्थ्य जांचा पौष्टिक होने के साथ-साथ सुंदरता भी बढ़ाता है आलू चिकित्सकों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होंठो का कालापन दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय दुनिया के टॉप 10 कमाऊ सितारों में बॉलीबुड के शाहरुख़,सलमान,अक्षय शामिल गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन निकालने का असरदार तरीका है राइटिंग थैरेपी काला नमक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद क्या आपको भी बार-बार जम्हाई आती है ? जानिए कारण.... टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य ने हाल ही में कराया हॉट फोटोशूट गणेश चतुर्थी: घर में ही क्राफ्ट करके बनाएं गणपति की सुंदर सुंदर मूर्तियां पेट की चर्बी को कम करने के लिए अपनाएं ये उपाय दिव्यांगों का अधिकाधिक पंजीकरण कर उन्हें स्वावलंबी बनाये: जेसी महान्ति कल शाम 5 बजे से जियो फोन की बुकिंग शुरू श्रीलंकाई टीम का हार के डर से टुटा मनोबल: महेला जयवर्धने अश्विनी लोहानी होंगे रेलवे बोर्ड के नए चेयरमैन नवजात शिशु सुरक्षा हेतु नर्सिंगकर्मियों का पायलेट प्रशिक्षण शुरू
क्या आपको पता है अंतिम संस्कार के समय मटकी में जल भरकर चिता की परिक्रमा क्यों लगाई जाती है ?
sanjeevnitoday.com | Sunday, August 13, 2017 | 04:59:06 PM
1 of 1

डेस्क। आप कभी न कभी किसी के अंतिम संस्कार में गए होंगे। लेकिन क्या आपने कभी यह गौर किया कि मटकी में जल भरकर चिता की परिक्रमा क्यों की जाती है। हम  आपको बताते है।  इस बारे में इस पुराण में लिखा है कि ऐसा करने से उस व्यक्ति की आत्मा उसके शरीर से मोह भंग हो जाती है लेकिन इसके पीछे एक और रहस्य है ?इसके बारे में कहा जाता है की हमारा जीवन इस मटके के समान मृत होता है जैसे भरा पानी हमारा समय होता है इसका मतलब यह होता है यह आयु रुपी पानी हर पल टपकता रहता है और अन्त में समाप्त हो जाता है।

यह भी पढ़े: ये लड़की जिस सामान को छू लेती है उसमे लग जाती है आग
लेकिन क्या आपने कभी यह भी गौर किया कि भारत में हिंदुओं में अंतिम संस्कार सूर्यास्त से पहले ही क्यों किया जाता है? इसी विषय के बारे में पुराण में अंतिम संस्कार से सम्बंधित कई बाते बताई गई हैं आज हम उन बातो के बारे में आपको बतायेंगे।

इस बारे में गरुड़ पुराण में विस्तार से बताया गया है ,इस पुराण के अनुसार किसी भी व्यक्ति का सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार नहीं किया जाता है अगर किसी की मौत रात को हुई है तो उसका दाह संस्कार दुसरे दिन ही किया जाता है इस बारे में माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद मृतक का अंतिम संस्कार करने से उस व्यक्ति की आत्मा को परलोक में कष्ट भोगना पड़ता है और अगले जन्म में उसके किसी भी अंग में दोष हो सकता है। इस कारण सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार नहीं किया जाता है। 

 

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.