देश और दुनिया के इतिहास में 22 अगस्त की महत्वपूर्ण घटनाएं जानिये किस तरह के लड़कों की तरफ ज्यादा आकर्षित होती हैं लड़कियां मुहासों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय 22 अगस्त राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आपके लिए मंगलवार का दिन प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म को अपनाने की पूर्ण स्वतंत्रता शीघ्र ही शुरू होगी ‘यूनिवर्सल स्क्रीनिंग’ स्वास्थ्य योजना स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण हेतु स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र भारतीय पहलवान का पहला दिन खराब, पहले ही दौर में हारे एफआईआर की प्रति अब मिलेगी ऑनलाईन, जानिए कैसे बूढादीत में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर को बनाया निशाना, आरोपियों को पकड़ा कैसे रूक पायेंगे रेल हादसे ? कपिल शर्मा ने सिद्धू के साथ मनमुटाव पर अपनी तोड़ी चुप्पी संदेश ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें बड़ी लीग में खेलना चाहिए: कांस्टेनटाइन काश कि रेल बजट तकनीक केन्द्रित होता राजस्थान ने लॉन्च की 'हैलो इंग्लिश प्रिमियम' एप, अंग्रेजी ज्ञान को बनाएगी बेहतर अतिक्रमण हटाने गए नगर परिषद के कर्मचारियों पर चले लात घूसे एटीपी रैंकिंग में एंडी मरे को पछाड़ नडाल टॉप पर "फिल्मों का बदलता ट्रेंड " सरकार ने बढ़ाई भीम कैशबैक योजना की अवधि, मार्च तक मिलेगा कैशबैक तीन तलाक मुद्दे पर कल सुप्रीम कोर्ट लेगा अहम फैसला
आंकना ! आज भी गर्म सलाखों से होता बीमारियों का इलाज, कभी-कभी तो ये
sanjeevnitoday.com | Monday, November 28, 2016 | 09:38:01 PM
1 of 1

छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग लोहे की गर्म सलाखों से दगवाकर कई बीमारियों का उपचार करा रहे हैं। छत्तीसगढ़िया बोलचाल की भाषा में इसे 'आंकना' कहते हैं। इस तरीके से इलाज करने वाले इसे पूरी तरह कारगर होने का दावा करते हैं, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। रोग से पीड़ित लोग हालांकि उपचार के इस तरीके से आराम मिलने की बात कहते हैं, जबकि डॉक्टर इलाज के इस तरीके को काफी खतरनाक व जानलेवा मानते हैं।
 
गर्म सलाखों से दागते है शरीर को 

सूबे के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के हर पांच-दस गांव में एक ऐसा वैद्य मिल जाएगा, जो कथित रूप से आंक कर ही कई रोगों का इलाज करता है। इनमें से ज्यादातर नि:शुल्क सेवा देते हैं। कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर दुधावा मावलीपारा गांव के वैद्य रत्ती सिंह मरकाम के घर हर रविवार सुबह आंक कर इलाज किया जाता है। लोग बताते हैं कि वे हंसियानुमा लोहे को गर्म कर उससे लोगों के शरीर के उन हिस्सों को दागते हैं, जहां तकलीफ होती है।
 
सीखकर नि:शुल्क सेवाएं दे रहे है 
वे कहते हैं कि वैद्य रत्ती लकवा, गठिया वात, मिर्गी, बाफूर, अंडकोष, धात रोग, बेमची, आलचा सहित कई अन्य रोगों का इलाज करते हैं। उनके पास छत्तीसगढ़ के साथ ही ओडिशा व महाराष्ट्र से भी लोग आते हैं। हाल ही में टाटानगर जमशेदपुर से भी कुछ पीड़ित इलाज कराने आए थे। वे इस इलाज से आराम मिलने का दावा भी करते हैं। वैद्य रत्ती सिंह ने बताया कि अपने पिता भंवर सिंह मरकाम से उन्होंने यह चिकित्सा पद्धति सीखी है और आज तक नि:शुल्क सेवा दे रहे हैं। इसी प्रकार कांकेर के ही सातलोर (पटौद) में राजबाई शोरी भी इसी तरह इलाज करती हैं। वह कहती हैं कि पीड़ित बिना किसी दबाव के स्वयं उनके पास आते हैं और राहत पाते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदराज से आने वाले मरीजों के रहने व खाने की व्यवस्था भी वे अपने घर पर ही करती हैं। वह कहती हैं कि बच्चों का इलाज करते समय उनका दिल भी दुखता है, लेकिन बीमारी दूर करने के लिए ऐसा करना पड़ता है।
 

तरीका बहुत ही खतरनाक व जानलेवा है
राजधानी रायपुर के चिकित्सक डॉ. नलनेश शर्मा ने इस संबंध में कहा कि इलाज का यह तरीका बहुत ही खतरनाक व जानलेवा है। यदि आंकने से ही बीमारी ठीक हो जाती तो पीड़ित डॉक्टरों के पास क्यों जाते? उन्होंने कहा कि इस मामले में लोगों को जागरूक होना चाहिए। किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर डॉक्टर के पास जाकर ही इलाज कराना चाहिए। बहरहाल, यह सिर्फ कांकेर जिले की ही बात नहीं है, सूबे के कई और जिलों में भी इसी तरह गर्म सलाखों से दागकर इलाज करने का दस्तूर आज भी जारी है।

यह भी पढ़े : सम्भोग के दौरान जोर से चिल्ला रही थी औरत, फिर पड़ोस की बुजुर्ग महिला ने पुलिस बुलाई फिर...

यह भी पढ़े : अनोखा मिजाज ! Lover रोज जिम के बाद पीता है अपनी गर्लफ्रेंड का दूध, गर्लफ्रेंड को आता है  मजा

यह भी पढ़े: इस रेलवे स्टेशन पर सबसे ज्यादा चलती है PORN MOVIE

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

 


FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.