आज से 3 दिन बैंक बंद, अब यहा भी नहीं चलेंगे 500 के पुराने नोट नाईजीरिया में आत्मघाती 2 बम धमाके, 45 की मौत राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द किया गुर्जरों समेत 5 जातियो का आरक्षण इन सुविधाओं के साथ जल्द लॉन्च होगी हमसफर PAK को अमेरिका से मिलेगी 40 करोड डॉलर की मदद, रखी ये शर्त भोपाल जेल ब्रेक में शहीद की बेटी की शादी में पहुंचे सीएम शिवराज जूनियर हॉकी विश्व कप: इंग्लैंड के खिलाफ जीत की लय बरकरार रखने उतरेगा भारत जारी है 'ओके जानू' का फर्स्ट लुक POSTER OMG: 20 गाड़ियां आपस में टकराई, बाल-बाल बचे अभय चौटाला भ्रष्टाचार के आरोपों में साउथ कोरिया की राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग पास महात्मा गांधी सीरीज के तहत 500 के नए नोट जारी करेगा रिजर्व बैंक लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में होंगी सुनवाई आयकर विभाग ने बैंक में छापेमारीकर जब्त किए 44 फर्जी खातों से 100 करोड़ डोनाल्ड ट्रंप की जीत के पीछे रूसी हैकिंग तो नहीं, ओबामा ने दिए जांच के आदेश शशिकला ने दी अपने परिवार को पार्टी और सरकार से दूर रहने की हिदायत Sanjeevni Today: Top Stories of 9am 130 रूपए की गिरावट के साथ सोना 28,580 पर पहुंचा नोटबंदी के बाद सरकार ने किया बड़ा ऐलान, जल्द आएंगे प्लास्टिक के नए नोट जॉर्ज क्लूनी और पत्नी अमल अलमुद्दीन के तलाक की खबरों ने कर दिया सबको हैरान भारतीय सीमा के बेहद करीब चीनी सेना ने शुरू किया बड़ा सैन्य अभ्यास
बीमार युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए गांव वालों ने बनाई "Water Ambulance"
sanjeevnitoday.com | Monday, October 17, 2016 | 10:50:35 AM
1 of 1

 

नई दिल्ली। कहते हैं जब इंसान पर विपत्ति आती है, तो वो उससे बाहर निकलने के लिए कोई न कोई रास्ता खोज ही लेता है। कई आविष्कार और जुगाड़ इसी की देन है। अब इसी घटना को ले लीजिए। बिहार के भागलपुर जिले में रहने वाले वीरेंद्र मंडल के पिता की तबियत अचानक ख़राब हो गयी। 

JAIPUR:  सबसे सस्ते प्लाट और फार्म हाउस CALL: 09313166166

वीरेंदर का घर भागलपुर के नवगछिया के इस्माइलपुर में है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। तभी वीरेंद्र के पिता ने सांस फूलने और पेट में तेज़ दर्द की शिकायत की। घर से बाहर निकलते ही बाढ़ का पानी था। नवगछिया शहर भी बाढ़ की चपेट में है और रिंग रोड टूटने नवगछिया का सड़क संपर्क टूट चुका है। अब वीरेंद्र के सामने बड़ी समस्या ये थी कि अपने पिता को हॉस्पिटल कैसे ले जाए?

तब आया वाटर एम्बुलेंस का आइडिया
जब गांव के और लोगों को वीरेंद्र के पिता के बारे में पता चला तो, वीरेंद्र की मदद करने में जुट गये। गांव के लड़के ट्रक का ट्यूब ले आये और उसमें हवा भर दी। अब हवा भरे ट्यूब को सही से व्यवस्थित करके उस पर बांस से बैठने लायक जगह बना दिया। अंत में उस पर एक खाट डाल दी गई और इस तरह तैयार हुआ 'वाटर एम्बुलेंस'। वीरेंद्र के पिता इस पर चढ़ने से डर रहे थे, तब गांव के लोगों के समझाने पर वो तैयार हुए। इसी एम्बुलेंस से करीब 10 मिनट में वीरेंद्र के पिता को लड़कों ने सूखी जगह पर पहुंचा दिया, जहां से उन्हें भागलपुर हॉस्पिटल ले जाया गया।

बाढ़ में लोगों को सामान निकालते देख कर सुझा ऐसा
भादो मंडल नाम के एक ग्रामीण ने बताया कि हमने बचपन से देखा है कि बाढ़ आने पर केले के तने पर सामान लाद कर बाहर निकाला जाता है। तब हमें ऐसा ख्याल आया कि अगर सामान जा सकता है, तो आदमी क्यों नहीं? हमने सोचा कि ट्यूब पर खाट तो ले जाई जा सकता है। इस तरह से बना हमारा 'वाटर एम्बुलेंस'।

यह भी पढ़े : Shameful... वेश्‍यावृत्ति में शामिल हो रहे हैं यहां स्‍कूलों में पढ़ने वाले बच्‍चे..!!
यह भी पढ़े : युवती को इस्‍लाम स्वीकार न करने पर किया दुष्कर्म, भाई को चीखें सुनने पर किया मजबूर

यह भी पढ़े : ये है दुनिया का एकमात्र Brown Panda

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

 



0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.