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बीमार युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए गांव वालों ने बनाई "Water Ambulance"
sanjeevnitoday.com | Monday, October 17, 2016 | 10:50:35 AM
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नई दिल्ली। कहते हैं जब इंसान पर विपत्ति आती है, तो वो उससे बाहर निकलने के लिए कोई न कोई रास्ता खोज ही लेता है। कई आविष्कार और जुगाड़ इसी की देन है। अब इसी घटना को ले लीजिए। बिहार के भागलपुर जिले में रहने वाले वीरेंद्र मंडल के पिता की तबियत अचानक ख़राब हो गयी। 

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वीरेंदर का घर भागलपुर के नवगछिया के इस्माइलपुर में है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। तभी वीरेंद्र के पिता ने सांस फूलने और पेट में तेज़ दर्द की शिकायत की। घर से बाहर निकलते ही बाढ़ का पानी था। नवगछिया शहर भी बाढ़ की चपेट में है और रिंग रोड टूटने नवगछिया का सड़क संपर्क टूट चुका है। अब वीरेंद्र के सामने बड़ी समस्या ये थी कि अपने पिता को हॉस्पिटल कैसे ले जाए?

तब आया वाटर एम्बुलेंस का आइडिया
जब गांव के और लोगों को वीरेंद्र के पिता के बारे में पता चला तो, वीरेंद्र की मदद करने में जुट गये। गांव के लड़के ट्रक का ट्यूब ले आये और उसमें हवा भर दी। अब हवा भरे ट्यूब को सही से व्यवस्थित करके उस पर बांस से बैठने लायक जगह बना दिया। अंत में उस पर एक खाट डाल दी गई और इस तरह तैयार हुआ 'वाटर एम्बुलेंस'। वीरेंद्र के पिता इस पर चढ़ने से डर रहे थे, तब गांव के लोगों के समझाने पर वो तैयार हुए। इसी एम्बुलेंस से करीब 10 मिनट में वीरेंद्र के पिता को लड़कों ने सूखी जगह पर पहुंचा दिया, जहां से उन्हें भागलपुर हॉस्पिटल ले जाया गया।

बाढ़ में लोगों को सामान निकालते देख कर सुझा ऐसा
भादो मंडल नाम के एक ग्रामीण ने बताया कि हमने बचपन से देखा है कि बाढ़ आने पर केले के तने पर सामान लाद कर बाहर निकाला जाता है। तब हमें ऐसा ख्याल आया कि अगर सामान जा सकता है, तो आदमी क्यों नहीं? हमने सोचा कि ट्यूब पर खाट तो ले जाई जा सकता है। इस तरह से बना हमारा 'वाटर एम्बुलेंस'।

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