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टाट बोरे पर क्यों बैठते हैं सरकारी स्कूलों के बच्चे: हाईकोर्ट
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 01:05:53 PM
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि प्राथमिक स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे दरी या बोरे पर क्यों बैठते हैं। उनको बैठाने के लिए बेंच या कुर्सियों की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती है। कोर्ट ने सरकार से प्राइमरी स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांगी है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव प्राथमिक शिक्षा को निर्देश दिया है कि वह अधिकारियों की बैठक कर कार्ययोजना तय करें और कोर्ट को इस बाबत जानकारी दें।

कृष्ण प्रकाश त्रिपाठी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया। याची का कहना है कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। बच्चे बोरे या दरी पर बैठ कर बैठते हैं। जाड़ा-गर्मी और बरसात हर मौसम में उनको जमीन पर ही बैठाया जाता है। स्कूलों में शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की भी कमी है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि सुनवाई की अगली तारीख 14 दिसंबर को न्यायालय को अवगत कराया जाए कि क्या प्रबंध किए जा रहे हैं।

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