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बेटे की बरात ले जाने वाले थे पिता, कंधे पर ढोया बेटे का शव
sanjeevnitoday.com | Monday, October 17, 2016 | 03:57:02 PM
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पापड़दा (दौसा)। श्रीनगर के जकूरा में आतंकी हमले के दौरान शहीद घनश्याम गुर्जर का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। उस वक्त पूरा गांव रो पड़ा जब पिता ने बेटे के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।  कुछ ही महीनों बाद शहीद की शादी होनी थी। पिता धूम-धाम से बरात ले जाने की तैयारियां भी कर रहे थे।

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100 गांव के लोग हुए शामिल, लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे...
राजस्थान के पैतृक गांव खवारावजी में शहीद की अंतिम संस्कार में शामिल हाेने 100 गांव के लोग शामिल हुए थे।वहां मौजूद लोगों के 'घनश्याम तेरा यह बलिदान-कभी न भूले हिंदुस्तान' जैसे नारों से आसमान गूंज गया। शव देखते ही शहीद की दादी सुशीला देवी, मां जानकी देवी समेत परिवार के लोगो की पैरो तले जमीन खिसक गयी। अंतिम संस्कार से पहले शहीद का शव घर के आगे नीम के पेड़ के नीचे एक तख्ते पर रखा गया। 4 वर्षीय भतीजे गौरव ने अपने शहीद चाचा को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार स्थल पर सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल के 26 जवानों ने 3 बार फायर कर शहीद को सलामी दी। इससे पहले सेना के बैंड ने मातमी धुन बजाई। इस दौरान आर्मी अफसरों के साथ जिले के कई अफसर और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार-
शहीद घनश्याम ने साल 2011-12 में खवारावजी सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढ़ाई की थी।
स्कूल प्रिंसिपल रामप्रसाद बैरवा ने बताया कि घनश्याम अपनी पढ़ाई के लिए पूरी तरह समर्पित और वक्त का पाबंद था। वह हमेशा आर्मी में नौकरी करने की बात कहता था। अंत्येष्टि स्थल पर लोगों में पाकिस्तान की इस हरकत पर आक्रोश फूट रहा था। हजारों लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
दीपावली के बाद होनी थी शहीद घनश्याम शादी...
शहीद के पिता रामकिशोर गुर्जर बोले कि देश का बेटा था, देश के लिए शहीद हो गया, लेकिन आतंकवाद की समस्या का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। शहीद घनश्याम की दीपावली के बाद शादी होने वाली थी,जिसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। परिवार के लोग शादी के लिए दीपावली के बाद छुट्टियों में उनके आने का इंतजार कर रहे थे। पिता ने कहा- मैं जिस बेटे की बरात ले जाने की तैयारी कर रहा था, आज उसी की अंतिम विदाई करनी पड़ रही है।

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