यूएन में गूंजा मोदी का नाम, कहा - असीमित संभावनाओं को देखते है मोदी मिसाल: मालिक को लौटा दिए 45 लाख रुपए के हीरे क्या उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर करने से अपराध पर लगा अंकुश? वीडियो : जयपुर नगर निगम ने गोपालपुरा पुलिया के पास से हटाया अवैध अतिक्रमण नौसेना की पश्चिमी कमान के विभिन्न जहाजों और पनडुब्बी की तैनाती हरियाणा पुलिस को मिली डेरे में 300 लोगों की अस्थियां इस शख्स के अजीब शौक के बारें में जानकर आप चौंक जाएंगे निकाह के नाम पर सौदा करने वाले 8 शेख सौदागर हैदराबाद में गिरफ्तार मुंबई में बारिश से फिर बिगड़े हालत, यातायात व्‍यवस्‍था चौपट, 50 फ्लाइट रद्द जापान ओपन: भारतीय शटलर साइना, श्रीकांत, प्रणय और समीर दूसरे दौर में ये है विश्व का सबसे बड़ा समोसा, इसका वजन... किसी भी युवा से कम नहीं है 60 साल के अनिल कपूर गोपालपुरा बाईपास पर जेडीए ने कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाए ऑटो ड्राइवर से तंग आकर छात्रा ने की खुदकुशी पद्म भूषण अवॉर्ड के लिए MS धोनी का नाम हुआ प्रस्तावित ये है नीलाम होने वाली सबसे महंगी कार, कीमत... 'बिग बॉस' 11 की इस कंटेस्टेंट को क्या पहचान पाएंगे आप? अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर साधा निशाना, कहा- भाजपा सरकार ने किसानों को केवल धोखा दिया 13 साल की नाबालिग के साथ रेप करता था कजन भाई जापान ओपन: शटलर किदांबी श्रीकांत, प्रणॉय और समीर प्री-क्वार्टर में पहुंचे
12 साल की उम्र में राजगद्दी पर बैठा ये युवक, राजनीति में आने की कर रहा है तैयारी
sanjeevnitoday.com | Saturday, July 15, 2017 | 10:57:40 PM
1 of 1

जयपुर। जयपुर राजघराने के सबसे युवा राजा पद्मनाभ सिंह 12 जुलाई को 19 साल के हो गए हैं। जयपुर के पूर्व महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके वारिस के तौर पर महज 12 साल की उम्र में पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था। पद्मनाभ सिंह को 18 साल की उम्र पाने के साथ ही सभी मामलों में उत्तराधिकारी होने के कानूनी अधिकार मिलेंगे। साथ ही भवानी सिंह के नाम से जुड़ी सभी अदालती कार्रवाइयां पद्मनाभ सिंह के नाम से लड़ी जाएंगी। 18 साल के उम्र में पद्मनाभ सिंह का इंडियन पोलो टीम में सिलेक्शन हुआ था। वे वल्र्ड कप मैच में भारत की और से खेलने  वाले सबसे यंगेस्ट पोलो प्लेयर हैं।पद्मनाभ सिंह पढ़ाई के बाद वे राजनीति में आकर देश की सेवा करना चाहते है।

जयपुर राजघराने के पास अरबों की संपत्ति है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजपरिवार की कई संपत्तियों पर वर्ष 1992 से रिसीवर नियुक्त कर रखा है। तब से अब तक इन पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। भवानी सिंह के पिता सवाई मानसिंह द्वितीय की जो भी संपत्ति थी, मानसिंह के बाद भवानी सिंह उसके उत्तराधिकारी बने। तब से वर्ष 1986 तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा, उसके बाद संपूर्ण संपत्ति के बंटवारे को लेकर पूर्व राजमाता गायत्री देवी, भवानी सिंह के भाई जयसिंह, पृथ्वी सिंह और जगतसिंह एक ओर आ गए। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में संपत्ति बंटवारे का दावा कर दिया। तब से अब तक राजपरिवार की काफी संपत्तियों पर केस चल रहे हैं।

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.