आर्थिक तंगी से परेशान किसान परिवार ने खाया जहर, तीन की मौत करण जौहर भारत के पहले समुद्री युद्ध पर बना रहे है फिल्म भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप में ‘दूसरी हैट्रिक’ लगायी हार्ट ऑफ एशिया: एयर कॉरिडोर पर भारत-अफगानिस्तान के बीच वार्ता मांस से बने नोट वापस हो : हिंदू फोरम ऑफ ब्रिटेन नोटबन्दी के समर्थन में जयपुर की सड़कों पर उत्तरे लोग तापसी पन्नू अभिनीत ‘Running Shadik.com’ तीन फरवरी को होगी रिलीज आयकर विभाग: जनधन खातों से पकड़ी 1.64 करोड़ की अघोषित आय Sanjeevni Today: Top Stories of 5pm दाऊद इब्राहिम भारत में भेज सकता है नकली नोट रिजर्व बैंक: बैंकों में धीरे-धीरे पैसों की राशि में बढ़ोत्तरी की जाएगी। मोदी ने अफगानिस्तान के साथ अमृतसर के निकट संपर्कों का उल्लेख किया.. पैसा कभी खुशियां नहीं ला सकता: लेडी गागा छह साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार, हालत गंभीर कपड़े पहनने के ढंग और अंग्रेजी नहीं बोलने के कारण शर्मिन्दा करने का प्रयास करते हैं: कंगना रानौत इटली: संविधान संशोधन के लिए जनमत संग्रह आज, प्रधानमंत्री मैटियो का करियर भी दावं पर अब आएंगे 20 और 50 रुपये के नए नोट ,पुराने भी होंगे स्वीकार्य कैशलेस लेन-देन को गांवों तक पहुंचाने का कोई इंतजाम नहीं किया मोदी सरकार ने: अखिलेश पाक पर दोहरी मार, भारत-अफगानिस्तान एयर कॉरिडोर बनाएंगे लालू ने ली मोदी पर चुटकी, बोले- फकीर अपनी फकीरी का 'जिक्र' नहीं 'फिक्र' करते हैंं
न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं की जा सकती ‘हाईजैक’ : CJI
sanjeevnitoday.com | Friday, December 2, 2016 | 12:17:44 AM
1 of 1

नयी दिल्ली। न्यायपालिका और सरकार के बीच खींचतान के बीच भारत के प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने आज कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया ‘‘हाईजैक’’ नहीं की जा सकती और न्यायपालिका स्वतंत्र होनी चाहिए क्योंकि ‘‘निरंकुश शासन’’ के दौरान उसकी अपनी एक भूमिका होती है। ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका न्यायाधीशों के चयन में कार्यपालिका पर निर्भर नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रशासन के मामलों में न्यायपालिका स्वतंत्र होनी चाहिए जिसमें अदालत के भीतर न्यायाधीशों को मामलों को सौंपना शामिल है, जब तक न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं होगी, संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारी ‘‘बेमतलब’’ होंगे।

Image result for The process of appointment of judges can not be hijacked CJI

स्वतंत्र न्यायपालिका का गढ़
प्रधान न्यायाधीश ठाकुर ने यह टिप्पणी यहां ‘स्वतंत्र न्यायपालिका का गढ़’ विषयक 37वें भीमसेन सचर स्मृति व्याख्यान के दौरान कही। यह टिप्पणी उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। देश के दोनों ही अंग एक-दूसरे पर न्यायाधीशों के रिक्त पद बढ़ाने के आरोप लगाने के साथ ही एक-दूसरे को ‘लक्ष्मणरेखा’ में रहने के लिए कह रहे हैं।

यह भी पढ़े: जेब में रखे चीनी करेगा मोबाइल चार्ज ये है तरीका

यह भी पढ़े: नोटबंदी से नोटवाली हुई एप्पल, इस तरह हुआ फायदा

यह भी पढ़े: इस गांव में सुनसान पड़े है सभी बैंक और ATM, जानिए वजह

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.