आखिर क्या हुआ भारत के विराट को, बरसे अंपायर पर.. ये शो वापस लाएगा मशहूर ITEM GIRL राखी सावंत ! शिक्षा आर्थिक संवृद्धि की पहली शर्त : मनमोहन सिंह निम्मो का पहला लुक जारी, जरूर देखे जूनियर और सीनियर हाकी में एकरूपता चाहते हैं कोच IPL 2017 में नहीं होंगे KKR के गेंदबाजी कोच वसीम अकरम केरल के CM को हुई असुविधा के लिए MP के शीर्ष अधिकारियों को खेद शशिकला को संभालनी चाहिए अन्नाद्रमुक की कमान : पन्नीरसेल्वम HOCKEY: इंग्लैंड भी नही रोक सका भारत का विजयी अभियान, 5-3 से परास्त BIRTHDAY PARTY: स्टनिंग लुक में नजर आई नव्या पिस्टल दिखाकर महिला से मारपीट और गैंगरेप पर्रिकर ने मॉरीशस को पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन ऐसा क्या कारण था जो कटप्पा ने बाहुबली को मारा तेलंगाना में करीब 82 लाख रूपये के नए नोट जब्त पंजाब: बेरवाला गांव के जंगल में मिली मिसाइल,मचा हड़कंम एयर इंडिया फंसे यात्रियों को निकालने के लिए आज रात दो उड़ानें करेगी संचालित नहीं मिली एम्बुलेंस, मजबूरन हाथ रिक्शे से लाना पड़ा शव life Ok शो ‘बहू हमारी रजनीकांत’ बंद नहीं होगा भारत को तीन साल में मिलेगी राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप: वायुसेनाध्यक्ष खेल मंत्री ने सोनीपत में नए कुश्ती हाल का उद्घाटन किया..
मोदी सरकार का नोटबंदी फैसला, तानाशाही कदम: अमर्त्य सेन
sanjeevnitoday.com | Thursday, December 1, 2016 | 11:01:48 AM
1 of 1

नई दिल्ली। नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को तानाशाही वाली कार्रवाई करार दिया है जो कि भरोसे पर टिकी अर्थव्यवस्था की जड़ें खोखली करेगी। सेन ने कहा कि यह (नोटबंदी) नोटों की अनदेखी है, बैंक खातों की अनदेखी है यह भरोसे वाली सारी अर्थव्यवस्था की अनदेखी है। इस लिहाज से यह तानाशाही भरा फैसला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर उनकी यह तात्कालिक राय आर्थिक पहलू के लिहाज से है।


भारत रत्न सेन ने कहा कि भरोसे की अर्थव्यवस्था के लिए यह आपदा के समान है। बीते 20 साल में अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से वृद्धि कर रही थी। लेकिन यह पूरी तरह से एक दूसरे की जुबान के भरोसे पर आधारित थी। इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के जरिए और यह कहते हुए कि हमने वादा तो किया था लेकिन उसे पूरा नहीं करेंगे। आपने इसकी जड़ों पर चोट की है।


उन्होंने कहा कि पूंजीवाद को अनेक सफलताएं मिलीं जो कि व्यापार में भरोसे के जरिए आईं। उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार लिखित में कोई वादा करती है और उसे पूरा नहीं करती तो यह तानाशाही कदम है। सेन ने कहा कि मैं पूंजीवाद का बहुत बड़ा समर्थक नहीं हूं। लेकिन दूसरी ओर पूंजीवाद ने अनेक बड़ी सफलताएं दर्ज की हैं। सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत 500 व 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया।

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

यह भी पढ़े : इस शख्स को फरारी कलेक्ट करने का है शौक, खरीद रखी हैं 330 करोड़ की कारें!

यह भी पढ़े :पति ने यौन संबंध बनाने से किया इन्कार, तो पत्नी ने किया ये...

यह भी पढ़े :इतने बड़े खतरनाक हादसे के बाद भी बच निकले ये दोनों बाप-बेटे, VIDEO



1 comments

  • kumarpal jangid   30/11/2016

    jab des ko dono hatho se loot rhe te tab Khan gye te mha se jii aaj aap ko aj Hitler ka Furman dehik rha he

    (0)
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.