पिछले 900 सालों से वीरान है खजुराहो, जानिए इसके पीछे की कहानी! चोटी काटने की अफवाह पर पूरी तरह लगाम: सृष्टिधर महतो बस कुछ घंटे का इंतजार और फिर ऐसे 500 रुपये में बुक करवा सकते है Jio 4g Phone गोदभराई पर गुलाबी रंग का लहंगा पहने नजर आई ईशा बाल अपराध दिनों-दिन बढ़ रहा है, बच्चों पर बड़े गिरोह का शिकंजा नेपाल के प्रधानमंत्री 'शेर बहादुर देउबा' भारत दौरे पर, PM मोदी के साथ हुए 8 समझौते वीडियो : आज के दिन जन्मा था यह वीर शहीद जानिये जीवन से जुड़े कुछ तथ्य कुत्ते की मौत, पुरे विधि-विधान से लोगों ने किया अंतिम संस्कार Video: 'बादशाहो' का नया गाना 'होशियार रहना तेरे नगर में चोर आवेगा' हुआ रिलीज एक बार फिर निया शर्मा ने हॉट तस्वीरो से इंस्टाग्राम पर लगाई 'आग' आर.बी.आई. कल जारी करेगा 200 रुपए का नोट #LIVE INDvsSL: भारत ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का किया फैसला साउथ एक्ट्रेस प्रियामणि ने बॉयफ्रेंड संग रचाई शादी एक ऐसी छिपकली, जो मरने के बाद भी रहती है जीवित पाक से होने वाली टी-20 सीरीज में खेल सकते हैं कोलिंगवुड बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप की खबरों पर काइली जेनर ने तोड़ी चुप्पी ...तो इसलिए किंग खान ने वुमेन क्रिकेट टीम की कप्तान से मांगी माफी चीन ने दोबारा किया कमाल, बना डाली 30 मंजिला इमारत विश्व के उत्थान के लिए समान लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होना जरुरी - बहाई धर्म डॉलर के मुकाबले रूपये में हुई 7 पैसे की बढ़ोतरी
लंबी बीमारी के बाद स्वामी आत्मस्थानंद जी महाराज का निधन
sanjeevnitoday.com | Monday, June 19, 2017 | 07:52:33 AM
1 of 1

नई दिल्ली। लंबी बीमारी के बाद एक अस्पताल में रामकृष्ण मठ और मिशन के अध्यक्ष स्वामी आत्मस्थानंद जी महाराज का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आत्म आस्थानंद जी का फरवरी 2015 से ही आयु संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था।

 

 उनके नेतृत्व में भारत, नेपाल और बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदा के दौरान बड़े राहत अभियान चलाए गए थे। रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ ने एक बयान में कहा कि बेहतर इलाज के बाद भी उनकी स्थिति पिछले कुछ सालों में गिरती गयी तथा उनका रामकृष्ण मिशन सेवा प्रतिष्ठान अस्पताल में शाम में साढे पांच बजे निधन हो गया। 

बयान के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार कल रात साढ़े नौ बजे बेलूर मठ में किया जाएगा और बेलूर मठ के द्वार आज रात तथा कल उनके अंतिम संस्कार पूरा होने तक खुले रहेंगे। प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर शोक जताते हुए इसे व्यक्तिगत नुकसान बताया। मोदी अपनी युवावस्था में संन्यासी बनने के लिए बेलूर मठ गए थे लेकिन उनके अनुरोध को मंजूर नहीं किया गया था और कहा गया था कि उनकी कहीं अन्य स्थान पर जरूरत है।


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी आत्मस्थानंद महाराज के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्वामी के निधन को अपनी निजी क्षति बताया है। मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि मैं अपनी जिंदगी के महत्वूपर्ण क्षण में उनके साथ रहा था। बाद में उन्हें राजकोट, गुजरात में स्वामी आत्म आस्थानंद का आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिला। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी स्वामीजी के निधन पर शोक जताया है।



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.