देश और दुनिया के इतिहास में 22 अगस्त की महत्वपूर्ण घटनाएं जानिये किस तरह के लड़कों की तरफ ज्यादा आकर्षित होती हैं लड़कियां मुहासों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय 22 अगस्त राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आपके लिए मंगलवार का दिन प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म को अपनाने की पूर्ण स्वतंत्रता शीघ्र ही शुरू होगी ‘यूनिवर्सल स्क्रीनिंग’ स्वास्थ्य योजना स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण हेतु स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र भारतीय पहलवान का पहला दिन खराब, पहले ही दौर में हारे एफआईआर की प्रति अब मिलेगी ऑनलाईन, जानिए कैसे बूढादीत में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर को बनाया निशाना, आरोपियों को पकड़ा कैसे रूक पायेंगे रेल हादसे ? कपिल शर्मा ने सिद्धू के साथ मनमुटाव पर अपनी तोड़ी चुप्पी संदेश ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें बड़ी लीग में खेलना चाहिए: कांस्टेनटाइन काश कि रेल बजट तकनीक केन्द्रित होता राजस्थान ने लॉन्च की 'हैलो इंग्लिश प्रिमियम' एप, अंग्रेजी ज्ञान को बनाएगी बेहतर अतिक्रमण हटाने गए नगर परिषद के कर्मचारियों पर चले लात घूसे एटीपी रैंकिंग में एंडी मरे को पछाड़ नडाल टॉप पर "फिल्मों का बदलता ट्रेंड " सरकार ने बढ़ाई भीम कैशबैक योजना की अवधि, मार्च तक मिलेगा कैशबैक तीन तलाक मुद्दे पर कल सुप्रीम कोर्ट लेगा अहम फैसला
भूजल उपयोग को लेकर बनेगा सख्त कानून : उमा भारती
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 02:16:10 PM
1 of 1

नई दिल्ली। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने आज कहा कि उनका मंत्रालय चाहता है कि भूजल के उपयोग संबंधित सख्त कानून बने और दिशा में काम भी कर रहा है जिससे इसके दुरुपयोग को रोका जा सके। दिल्ली में आयोजित भूजल मंथन-2 कार्यक्रम में बोलते हुए उमा भारती ने कहा कि हर काम के लिए जमीनी जल का उपयोग करना सही नहीं है। वह चाहती हैं कि एक ऐसा कानून बने कि जिसमें इसके प्रयोग संबंधित दिशा निर्देश हों। उन्होंने कहा की साफ पानी, जमीनी पानी और उपचारित पानी तीनों को अलग-अलग कर देखा जाना चाहिए और किस काम में कौन सा पानी उपयोग में आएगा इसको लेकर कानून होना चाहिए। 

इसके दुरुपयोग पर सख्त दंड के प्रावधान होने चाहिए। केन्द्रीय भूजल बोर्ड की ओर से आयोजित भूजल मंथन-2 के उद्‌घाटन अवसर पर उमा भारती ने कहा कि भूजल संरक्षण के लिए कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्रालय को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा इज़रायल 62 प्रतिशत उपचारित जल का उपयोग करता है| दूसरी ओर हम अपने साफ पानी को ही सोख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश को इस स्थिति से निपटने के लिए मिलकर काम करना होगा| हम एक देश हैं और हमें एक-दूसरे की चिंता करनी होगी।


इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है हम अपने स्वार्थ के कारण इनका दोहन और शोषण कर रहे हैं। इसके चलते संसाधनों का संकट पैदा हुआ है जिसके लिए इंसान जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भूजल प्रबंधन आज संकट के दौर से गुजर रहा है। आबादी बढ़ने की तुलना में भूजल नहीं बढ़ रहा। इससे एक असंतुलन पैदा हो रहा है। जल ही जीवन है और ऐसी परिस्थिति में भूजल संरक्षण जरूरी है| उन्होंने आशा जताई कि इस मंथन से जो सुझाव आएंगे वे उपयोगी होंगे। 

उन्होंने कहा कि स्वच्छता की दिशा में बढ़ते हुए हमे इस बात पर भी विचार करना होगा कि शौचालय के लिए बने पॉट में पानी का उपयोग कैसे कम हो। हमारी संस्कृति में एक लौटे से हाथ धोने का प्रावधान है जबकि आज वाश बेसिन में हम ज्यादा पानी खर्च रहे हैं। इस दिशा में भी प्रयास होने चाहिए। इस दौरान सेमिनार वॉल्यूम और मेरा भूजल एप का विमोचन किया गया। केन्द्रीय भूजल बोर्ड के डीजी केबी बिस्वास ने कहा कि इस भूजल मंथन का उद्देश्य भूजल संरक्षण की दिशा में काम काम करना और उसके स्तर को बढ़ाने की दिशा में काम करना है। 

यह  भी पढ़े : अनोखा पार्क- यहां आप ''न्यूड'' घूम सकते है।

यह भी पढ़े : पिता जमीन पर और माँ-बेटे बेड पर कर रहे थे रोमांस...पिता ने उठकर देखा तो

यह भी पढ़े: यहां दुल्हन उधार मांगकर पहनती है पुराने अंडरगारमेंट्स 

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.