अपना अजुर्न अवार्ड भारत की महिलाओं को करती हूं समर्पित: बेमबेम देवी 'साथ निभाना साथिया' की गोपी बहू ने सेलिब्रेट किया अपना 30 वां जन्मदिन शरियत में दखलअंदाजी कर रहा सुप्रीम कोर्ट: दारुल उलूम BSE की 200 कंपनियों के कारोबार पर लगाई रोक बैडमिंटन: मिश्रित युगल में रंकीरेड्डी-मनीषा की जोड़ी दूसरे दौर में बाहर 14 साल छोटी लड़की के साथ शादी करेंगे 'दिया और बाती हम' के 'सूरज सा' आज बैंक रहें हड़ताल पर, 35 हजार करोड़ का लेनदेन ठप 200 CEO में बोले मोदी - 'न्यू इंडिया' के लिए एक सैनिक बने पुजारा-हरमनप्रीत सहित 17 खिलाड़ियों को करेंगे राष्ट्रपति अर्जुन अवार्ड से सम्मानित चुनावों में होता है ऐसा माहौल जिसके वजह से सामने आते है बागी वाड्रा के बीकानेर जमीन डील मामले की सीबीआई जांच, बोला कांग्रेस पर हमला सोहा ने योगा करते दिखाया अपना बेबी बंप, फैंस ने किया ऐसा कमेंट स्पॉन्सर नाइकी किट से नाखुश टीम इंडिया, BCCI से की शिकायत चीन में सितंबर से दौड़ेगी दुनिया की सबसे तेज बुलेट ट्रेन हिरण शिकार मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को 'TripleTalaq': इस प्रथा का 35 साल पहले फिल्म के जरिये इस लेखिका ने किया था विरोध लाहौर में वर्ल्ड इलेवन की कमान संभाल सकते है अमला-फाफ डु प्लेसी पीएम मोदी: 9,500 से अधिक सड़क परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ ट्रिपल तलाक: SC के फैसले पर इन बॉलीवुड हस्तियों ने दिया अपना रिएक्शन तीन तलाक पर बोले आजम खां - धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ न हो
शहीद SHO फिरोज अहमद के इस फेसबुक पोस्ट को पढ़कर हो जाएंगे भावुक
sanjeevnitoday.com | Sunday, June 18, 2017 | 07:55:29 AM
1 of 1

जम्मू-कश्मीर। अनंतनाग के अच्छेबल इलाके में लश्कर आतंकियों की हमले में शहीद SHO फिरोज़ अहमद दार (32) शुक्रवार की रात सुपर्ड-ए-खाक किया गया।  डार के परिवार और मित्र जब उनकी अंतिम यात्रा की तैयारी कर रहे थे, डार द्वारा 18 जनवरी 2013 को लिखे गए शब्द सभी को याद आ रहे थे।उन्होंने लिखा था, 'क्या आपने एक पल के लिए भी रुककर स्वयं से सवाल किया कि मेरी कब्र में मेरे साथ पहली रात को क्या होगा? उस पल के बारे में सोचना जब तुम्हारे शव को नहलाया जा रहा होगा और तुम्हारी कब्र तैयार की जा रही होगी।

 

 

डर ने लिखा, क्या तुमने कभी स्वयं से प्रश्न किया कि मेरी कब्र में मेरी पहली रात को क्या हो उस पल के बारे में सोचना जब तुम्हारी शव को नहलाया जा रहा था और आपकी कब्र तैयार हो रही है उस पल के बारे में सोचो जब आप कब्र में डाला जा रहा होगा। शहीद डार का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव डोगरीपोरा पहुंचा उनकी बेटियों छह साल की अदाह और दो साल की सिमरन को समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके घर के बाहर लोग क्यों जमा हैं।



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.