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राम मंदिर विवाद पर SC ने दिया 3 महीने का समय, अगली सुनवाई 5 दिसंबर को
sanjeevnitoday.com | Friday, August 11, 2017 | 05:50:14 PM
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नई दिल्ली। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद ने आज सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुवाद के लिए 3 महीने का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पहले हम दो मुख्य पक्षों को चुनेंगे, सभी पक्ष अपने कागजात तैयार रखें। बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ लंबित चुनौतियों के साथ यूपी शिया वक्फ बोर्ड की ओर से दायर हलफनामे पर विशेष पीठ सुनवाई करनी थी। 

दस्तावेजों के अंग्रेजी अनुवाद का दिया आदेश
3 जजों की स्पेशल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में 7 साल बाद अयोध्या मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि मूल ऐतिहासिक दस्तावेज संस्कृत, पारसी, उर्दू और अरबी में हैं और इनके अनुवाद का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।  

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कोर्ट ने कहा कि 7 भाषा वाले दस्तावेज का पहले अनुवाद किया जाए। कोर्ट ने साथ ही कहा कि वह इस मामले में आगे कोई तारीख नहीं देगा। उल्लेखनीय है कि इस मामले से जुड़े 9,000 पन्नों के दस्तावेज और 90,000 पन्नों में दर्ज गवाहियां पाली, फारसी, संस्कृत, अरबी सहित विभिन्न भाषाओं में हैं, जिस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से इन दस्तावेजों को अनुवाद कराने की मांग की थी। 

खास बात ये है कि हलफनामे में शिया वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड शांतिपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल नहीं चाहता। इस मसले को सभी पक्ष आपस में बैठकर सुलझा सकते हैं जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट उन्हें समय दे। बोर्ड ने कहा कि इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाए। सर्वोच्च अदालत इस मामले को बातचीत के जरिए हल करने को पहले ही कह चुका है। ऐसे में शिया बोर्ड का हलफनामा इस मामले का अदालत का रुख बदल सकता है और सभी पक्षकारों से समझौते को लेकर अदालत सवाल कर सकती है। 

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