loading...
मैदान से बाहर रहते हुए भी कप्तानी करते नजर आए कोहली संजय नहीं चाहते आमिर की फिल्म से टकराव, बढ़ाई 'भूमि' की रिलीज डेट कृषि की उत्पादकता व विकास के लिये छोटी जोतों को लाभकारी बनाने पर देना होगा जोर : राधामोहन सिंह योगी ने दिया आदेश, 15 जून तक यूपी की सभी सड़कें होनी चाहिये गड्ढा मुक्त प्रदेश में जेनेटिक मॉडिफाइड तकनीक को अनुमति नहीं : कृषि मंत्री कलिखो पुल की आत्महत्या मामले की जांच के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर डेविड वार्नर के विकेट को लेकर कुलदीप ने किया ये खुलासा जस्टिस बीडी अहमद जम्मू कश्मीर और जस्टिस प्रदीप नंदराजोग राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त पुलिस अधिकारी से बदसलूकी के आरोप में इस पूर्व सांसद को जबरन उठाकर ले गयी पुलिस अब नहीं होगा तुष्टिकरण, होगा सबका विकास, महिला सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम : योगी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर हरमनप्रीत ने दिया ये बयान विमान में मारपीट मामला: सियासी दल बोले, रवीन्द्र गायकवाड़ तुरंत माफी मांगें चिश्ती के 805वें उर्स का झंडा हजारों आशिकान ए ख्वाजा की मौजूदगी में दरगाह के बुलंद दरवाजे पर चढ़ा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ''विश्व पर्यावरण सम्मेलन'' का उद्घाटन किया एक्साइज विभाग ने चलाया अभियान, भारी मात्रा में शराब सहित सात गिरफ्तार 1 अप्रैल से इन्कम टैक्स में होंगे भारी बदलाव, ये है नए नियम एशिया कप: मध्यप्रदेश के शिवांश ने तीरंदाजी में देश को दिलाया स्वर्ण LIVE: गोरखनाथ मंदिर के किये दर्शन, लोगो में भारी उत्साह शिक्षित बेरोजगार महिलाओं को मिलेगा परमिट सहित रिक्शा : शिवसेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को करेंगे मन की बात
नोटबंदी ने तोड़ी माओवादियों की कमर, एक महीने में सबसे ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 09:59:01 AM
1 of 1

नई दिल्ली। माओवाद प्रभावित राज्यों में सरकार की नीति और पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों की तरफ से बनाए गए दबाव के बाद अब नोटबंदी का पूरे क्षेत्र में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पिछले 28 दिनों के अंदर अब तक कुल 564 माओवादी और उनके समर्थकों ने सरेंडर किया है। एक माह के अंदर इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का सरेंडर एक रिकॉर्ड है।

हालांकि, माओवादियों पर कार्रवाई में सीआरपीएफ के साथ छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में स्थानीय पुलिस की अहम भूमिका रही है तो वहीं पुराने 500 और 1000 रूपये के नोट पर लगे प्रतिबंध ने इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अधिकारियों के अनुसार, 564 में से 469 माओवादी और उनके समर्थकों ने 8 नवंबर के बाद से अब तक अपना सरेंडर किया है। 8 नवंबर को ही प्रधानमंत्री की तरफ से 500 और 1000 रूपये के पुराने नोट को बैन करने की घोषणा की गई थी। सरेंडर करने वाले माओवादियों में 70 फीसदी ओडिशा के मल्कानगिरी के हैं।

यह भी पढ़े: ये खूबसूरत लड़की बिना अंडरवियर के शोरूम में शॉपिंग करने पहुंची

यह भी पढ़े: यहां लॉटरी जीतने के बाद, पैसों के बजाए मिलती हैं लड़कियां।

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

यह भी पढ़े: ये खूबसूरत लड़किया- सड़क किनारे मिनी स्कर्ट में अपना बिजनेस चला रही हैं।



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.