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कश्मीर में आतंकियों से अब सेना नहीं रोबोट करेंगे मुकाबला
sanjeevnitoday.com | Saturday, August 12, 2017 | 05:54:29 PM
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नई दिल्ली। कश्मीर में आतंकवाद जैसी समस्या ने निपटने के लिए सेना अब रोबोट का इस्तेमाल करने का विचार कर रही है। इन रोबोट की खास बात यह होगी कि, यह रोबोट किसी भी स्थान पर आसानी से गोला-बारूद ले जा सकेंगे। यह रोबोट अपने ही देश में बनेंगे। आर्मी के अधिकारी ने बताया कि आर्मी ने 544 रोबोट को मांग की है। अधिकारी ने बताया कि हमारी इस मांग को रक्षा मंत्रालय ने भी मान लिया है। 

आतंकियों से मुकाबला करेंगे रोबोट्स
जानकारी के मुताबिक ये रोबोट्स जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में गोला-बारूद की डिलिवरी करने में सक्षम होंगे। घाटी में आतंकियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेना ने रक्षा मंत्रायल से इस प्रोजेक्ट की मांग की थी। दरअसल जम्मू-कश्मीर के जंगलों को आतंकी अपने ठिकानों के रुप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसी स्थिति में रोबोट्स ना केवल आतंकियों से मुकाबला करेंगे बल्कि सेना की सहायता भी करेंगे। 

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200 मीटर की रेंज से ट्रांसमिशन
हथियार और गोला-बारूद की डिलिवरी करने के साथ ही ये रोबोट्स सर्विलांस भी करेंगे। इसके अलावा वे आतंकियों की पल-पल की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक ये रोबोट्स आतंकियों की खुफिया सूचना जुटाने के साथ ही 200 मीटर की रेंज से उसका ट्रांसमिशन करने में सक्षम होंगे।

दक्ष नाम की डिवाइस कर रही है इस्तेमाल
सेना का कहना है कि यह रोबोट हमारे देश में ही बने ताकी इन्हें आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही इसमें बेहतरी का विकल्प भी हो। अभी स्वेदश निर्मित दक्ष नामक डिवाइस का प्रयोग सेना इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को तलाश कर पकड़ने में इस्तेमाल कर रही है। दक्ष नाम की इस डिवाइस को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा विकसित किया गया है। दक्ष सीढ़िया चढ़ सकता है। इसमें 3-4 घंटे काम करने की बैटरी है। इसकी रेंज 500 मीटर तक है। साथ ही यह 20 किलो तक वजन उठा सकता है 

पिछले 8 महीनों से चल रहा है प्रोजेक्ट पर काम
वजन में हल्के और मजबूत होने की मजह से ये रोबोट्स कई तरीकों से सेना की मदद करने में भी सक्षम होंगे। पिछले 8 महीनों से CAIR और DRDO की लैब इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

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