'संयोग और वियोग' दोनों ही प्रकृति के धर्म रक्तदान के बराबर काेई दान नहीं है रघुवर दास के काल में चरमरा गई है स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क चिकित्सा शिविर में स्कूली बच्चो का स्वास्थ्य जांचा सांसद राजेश रंजन ने कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य का राष्ट्रीयकरण होना जरूरी खंडहर घोषित हो चुकी आवासीय बिल्डिंग से मोह नहीं त्याग कर पा रहे हैं स्वास्थ्य कर्मी अनुसूचितजाति कल्याण परिषद तहसील ठियोग ने मधान क्षेत्र की उपेक्षा पर जताई नाराजगी 12 घंटे के दौरान अस्पताल में मचा दो बार बवाल, स्वास्थ्य कर्मियों में गहराया रोष 3rd ODI: इंदौर में कंगारुओं के सामने विराट सेना की निगाहे सीरीज जीत के चौके पर अपने एक्स BF रणवीर से इस अंदाज में मिली अनुष्का, देखे फोटो हर साल 1000 खिलाडिय़ों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा: खेल मंत्री प्रो कबड्डी लीग 2017: बंगाल ने बेंगलुरु बुल्स को हराया ऑस्ट्रेलिया हॉकी लीग: भारत की पुरुष और महिला 'ए' टीम हुई रवाना कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का दाऊद को लेकर बड़ा बयान इस नए प्रोजेक्ट के लिए पत्नी संग जयपुर पहुंचे संजय दत्त, देखे फोटो शहंशापुरः पीएम ने स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा तीसरे वनडे के लिए वार्नर ने AUS के बल्लेबाजों को दिया मूल मंत्र Box office: दो दिन के भीतर ही फिल्म 'जय लव कुश' हुई हिट, कमाए 60 करोड़ पूर्व सेवादार गुरूदास का बडा खुलासा, गुरमीत को ब्लू फिल्म देखने का था शौक टीम में बल्लेबाजी क्रम को लेकर नहीं हूं चिंतित: रहाणे
थियेटरों में फिल्म शुरू होने से पहले बजाया जाए राष्ट्रगान: उच्चतम न्यायालय
sanjeevnitoday.com | Wednesday, November 30, 2016 | 03:17:44 PM
1 of 1

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आज निर्देश दिया कि देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म प्रारंभ होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाए और लोग खड़े होकर उसके प्रति सम्मान दर्शाएं। 

न्यायालय ने कहा कि जब राष्ट्रगान बजाया जा रहा हो तब थियेटर के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाए। न्यायामूर्ति दीपक मिश्रा और अमिताव रॉय की पीठ ने कहा कि यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान दर्शाए। पीठ ने कहा, ‘‘लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि यह मेरा देश और मेरी मातृभूमि है।’’ 

पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि इस आदेश को हफ्ते भर में लागू किया जाए और इस बारे में प्रमुख सचिवों के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित किया जाए।

पीठ ने कहा, ‘‘राष्ट्रगान के लिए जो नियम है उसके मूल में राष्ट्रीय पहचान, अखंडता और संवैधानिक राष्ट्रभक्ति है।’’ 

यह भी पढ़े: अगर आपको गुस्सा आता है, तो आप स्वस्थ हैं।

यह भी पढ़े: ये है एंटी डैंड्रफ कंघी, खरीदने के लिए लोगों की जमा हुई भीड़

यह भी पढ़े: यहां की महिलाओ की सुंदरता के आगे बड़ी-बड़ी हस्तियां और मॉडल्स भी है फ़ैल

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.