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मानवता शर्मसार: बीमार मां को 3 घंटे कंधे पर उठाए अस्पताल में भटकता रहा बेटा किन्तु...
sanjeevnitoday.com | Wednesday, October 19, 2016 | 02:48:19 PM
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जोधपुर। संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में मंगलवार को मानवता शर्मसार होती रही, मगर यहां किसी की इंसानियत नहीं जागी। एक बेटा तीन घंटे तक अपनी बीमार मां को कंधे पर उठाए अस्पताल के एक विभाग से दूसरे विभाग में भटकता रहा। मगर उसकी मां को इलाज नहीं मिला। डॉक्टर भी इलाज की बजाय उसे यहां से वहां दौड़ाते रहे। 

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मंडोर निवासी (मूल रूप से उज्जैन निवासी) धर्मेन की मां पावतरा के पेट में तेज दर्द हो रहा था। धर्मेन अपनी मां को कंधे पर उठाकर अस्पताल में कई डॉक्टरों के पास गया, लेकिन कहीं पर भी उन्हें भर्ती नहीं किया गया। नर्स और डॉक्टरों ने मरीज की हालत देख उन्हें दूसरी जगह (संभवत: दूसरे विभाग के आउटडोर) जाने को कहा। 

यहां पहुंचने पर उन्हें पुन: दूसरे विभाग की आउटडोर में जाने की सलाह दे दी गई। शर्मनाक पहलू यह है कि बेटा अपनी मां को कंधे पर उठाए एक विभाग से दूसरे में भटकता रहा, मगर किसी ने उसे एक स्ट्रेचर तक मुहैया कराने की जहमत नहीं उठाई। वह तीन घंटे तक यूं ही भटकता रहा। 

धर्मेन ने आखिर हिम्मत हार अपनी मां को शिकारगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसका आरोप है कि पूरे अस्पताल में किसी ने भी उसे सही जानकारी नहीं दी और न ही मानवता के नाते मदद की। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील गर्ग ने कहा कि इस मामले में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई, उनके ध्यान में मामला आता तो एेसा नहीं होने देते।

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