बिग बॉस 11 के घर में बिकनी अवतार में नजर आई हसिनाए, बंदगी ने जीता कैप्टन वाला टास्क शनिदेव को शनि अमावस्या अतिप्रिय, 30 साल बाद बना है ये खास योग प्रेमी ने की प्रेमिका की गला रेतकर हत्या, दोस्त के कमरे से मिली लड़की की डेडबॉडी सेंसर बोर्ड ने 'पद्मावती' को लौटाया वापस, टल सकती है रिलीज डेट देश और दुनिया के इतिहास में 18 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं टाटा संस ने अपने दो अधिकारियों को बोर्ड में नियुक्त किया चेहरे पर निखार लाने के लिए करें ये घरेलू ट्रीटमेंट्स भयानक सड़क हादसे में सात लोगो की मौत युवा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम घोषित पद्मावती के विरोध में सर्वसमाज और करणी सेना ने किया विरोध प्रदर्शन एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध हटाया, ट्रकों को प्रवेश की अनुमति वैश्विक स्तर पर शांति एवं स्थिरता स्थापित करने वाली ताकत है भारत-फ्रांस सामरिक गठजोड़: पीएम मोदी गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के 70 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी एक सप्ताह पहले लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए फुटबॉलर ने किया आत्मसमर्पण MRP स्टीकर लगाने समय अवधि में की बढ़ोतरी राफेल युद्धक विमान सौदे से नाराज कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवालों से किया हमला मुख्यमंत्री ने की वित्त मंत्री से मुलाकात, वर्तमान अफीम नीति में बदलाव के लिए जताया आभार इस्लामिक स्टेट इराक और सीरिया में गवां चुका है 95 फीसदी हिस्सा: गठबंधन सेना राजदेव हत्याकांड : SC ने तेज प्रताप की वायरल तस्वीरों पर सीबीआई से मांगी रिपोर्ट जापान में एक ट्रेन के तय समय से पहले चलने पर रेलवे ने जारी किया माफ़ी नामा
हाईकोर्ट :दही हांड़ी कैसे है साहसिक खेल हमे बताये?
sanjeevnitoday.com | Tuesday, July 18, 2017 | 08:32:32 AM
1 of 1

मुंबई। मुंबई हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वह यह स्पष्ट करे कि दही हांडी एक साहसिक खेलकूद है। न्यायमूर्ति आर.एम. सावंत व न्यायमूर्ति साधना जाधव की खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि, क्या एक पांच वर्षीय बच्चे को एक अड्वेंचर खेल के हिस्से के रूप में मानव पिरामिड पर चढ़ने की इजाजत दी जा सकती है?

यह भी पढ़े: इस कैदी ने शासन को दान कर दी अपनी करोड़ों रुपयों की सम्पत्ति

गौरतलब है कि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है। जिसमें दही हांडी पर बनने वाली मानव श्रृंखला की ऊंचाई अधिकतम 20 फीट रखने को कहा गया था। यह आदेश हाई कोर्ट ने 11 अगस्त, 2014 को दिया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने साल 2014 में दिए फैसले में कहा था कि मानव श्रृंखला की लंबाई 20 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही दही हांडी कार्यक्रम में नाबालिग बच्चे हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बाद 11 अगस्त 2015 को महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी कार्यक्रम को साहसिक खेल घोषित कर दिया। खंडपीठ ने सरकार को 4 अगस्त तक इन सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता स्वाति पाटील की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है।

वकील नितेश निवशे ने ऊंचे-ऊंचे मानव पिरामिड बनाए जाने की तस्वीरें पेश की। इस पर खंडपीठ ने कहा- तस्वीरे दिखाने की जरूत नहीं है हम जानते हैं कि हकीकत क्या है? वकील निवशे ने बताया-मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार दही हांडी आयोजन समिति के अध्यक्ष थे फिर भी वे अदालत के आदेश का उल्लंघन कर आयोजित किए गए दहीहांडी उत्सव में मौजूद थे।

अब तक, दहीहंडी मुंबई में सबसे लोकप्रिय उत्सव है जहां हजारों सड़कों पर जाते हैं। लेकिन दुर्घटनाओं की बढ़ती हुई संख्या का हवाला देते हुए विशेष रूप से नाबालिगों को शामिल करते हुए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मानव पिरामिड की ऊंचाई 20 फीट तक सीमित कर दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कदम रखा था। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 2016 में उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है, इस अनुष्ठान में नाबालिगों को शामिल करना खतरनाक हैं।

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188


FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.