J&K: रामबन में SSB कैंप पर हमले में शामिल 2 हमलावर गिरफ्तार पेटीएम मॉल `मेरा कैशबैक सेल' में खरीद पर आकर्षक इनाम आज सिनेमाघरों में 'हसीना पारकर' सहित दस्तक देंगी ये चार फिल्मे नेपाल चीन के साथ 13 और एंट्री प्वाइंट्स खोलेगा पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाला वैट बिलकुल भी कम नहीं होगा: जयंत मलैया Video: ढिंचैक पूजा का नया गाना 'बापू दे दे थोड़ा कैश' हुआ रिलीज साइबर अपराध रोकने के लिए यह कदम उठाएगी सरकार: गृह मंत्री पाकिस्तान की गोलाबारी का भारतीय जवानो ने दिया मुंहतोड़ जवाब इकबाल कासकर का बड़ा खुलासा- फिलहाल पाकिस्तान में है दाऊद इब्राहिम! पीएम मोदी आज वाराणसी दौरे पर, कई विकास परियोजनाओं की करेंगे शुरूआत राम रहीम के बाद अब फलाहारी बाबा पर दुष्कर्म का अपराध दर्ज कीकू शारदा: पहले से भी ज्यादा दमदार तरीके से होगी 'द कपिल शर्मा' की वापसी विद्रोह और आतंकवाद के अभियान का पाकिस्तान लगातार हो रहा है शिकार: खकान अब्बासी ...तो हैटट्रिक से पहले कुलदीप ने इस खिलाडी से पूछा था 'कैसी गेंद डालूं' सोना 250 रुपये और चांदी 600 रुपये फिसली अपराधों को जड़ से समाप्त करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें अधिकारी: आराधना शुक्ला बनर्जी सरकार को जोर का झटका, मोहर्रम के दिन भी होगा दुर्गा विसर्जन डीपीसी: विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों को दिलाएंगे शपथ हम पर दर्ज नहीं है अपराध यस बैंक ने की 2500 कर्मचारियों की छंटनी, डिजिटलीकरण बना कारण देश और दुनिया के इतिहास में 22 सितंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं
असम: मां-बाप की देखभाल नहीं तो कटेगी 10 प्रतिशत सैलरी
sanjeevnitoday.com | Saturday, September 16, 2017 | 02:30:45 PM
1 of 1

गुवाहाटी। देश में पहली दफा किसी सरकार ने बुजुर्गों को बुड़ापे में दरदर की ठोकर खाने से बचाने के लिए कानून बनाया है। असम विधानसभा ने शुक्रवार को एक बेहद अहम विधेयक पास कर दिया। इसके मुताबिक अगर राज्य सरकार के कर्मचारी अपने माता-पिता और दिव्यांग भाई-बहनों की देखभाल नहीं करेंगे तो उनके मासिक वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। साथ ही सैलरी में से काटी गई इस रकम को पेरेंट्स या भाई-बहनों को उनकी देखभाल के लिए दी जाएगी। 

 

यह भी पढ़े:इस महिला ने की प्यार में पागलपन की हद पार, जानिए क्या है पूरा माजरा

असम कर्मचारी अभिभावक जिम्मेदारी और जवाबदेही एवं निगरानी मानदंड विधेयक (प्रोनाम), 2017 में राज्य सरकार तथा अन्य संगठनों के कर्मियों के लिए माता-पिता तथा दिव्यांग भाई-बहनों की जवाबदेही का प्रावधान किया गया है। प्रोनाम विधेयक को सदन में रखते हुए राज्य सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा, ‘ऐसा देखा जा रहा था कि माता-पिता वृद्धाश्रम में जा रहे हैं क्योंकि बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते हैं।

यह भी पढ़े: स्वदेशी मिसाइल अस्त्र का ट्रायल परीक्षण सफल

उन्होंने कहा, इस विधेयक का मकसद राज्य कर्मचारियों के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अनदेखी किए जाने की स्थिति में अभिभावक या दिव्यांग भाई बहन कर्मचारियों के विभाग में शिकायत कर सकते हैं। सदन ने चर्चा करने के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। शर्मा ने कहा कि बाद में एक विधेयक सांसदों, विधायकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और असम में संचालित निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए भी एक ऐसा ही विधेयक पेश किया जाएगा। विश्वशर्मा ने दावा किया कि बुजुगोर् से जुड़ा इस तरह का विधेयक पास करने वाला असम देश का पहला राज्य है। 

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.