loading...
गूगल का वाॅयस-कंट्रोल फीचर कर रहा है आपको रिकाॅर्ड, इस तरह करें डिलीट दिल्ली में 115 करोड़ की संपत्ति का मालिक है लालू परिवार: सुशील मोदी शो 'ये है मोहब्बतें' में होने वाली है इस एक्ट्रेस की एंट्री अब पासपोर्ट के लिए हिंदी में कर सकते है अप्लाई टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर यूनुस खान ने दिया ये बड़ा बयान, कहा... CM योगी ने दिया इन समस्याओ को दूर करने का आदेश सार्वजनिक जगहों पर मिलने वाले फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें... जिनिता शेठ का जन्मदिन सैलिब्रेट करते नजर आए करण वाही पन्नीरसेल्वम फिर बन सकते है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बालों को दें डिफ्रैंट स्टाइल ट्रक में भैंस लेकर जा रहे 3 युवकों के साथ मारपीट, FIR दर्ज धोनी के बाद 10 लाख से ज्यादा लोगों की आधार डिटेल्स लीक मोंटे कार्लो फाइनल में रामोस विनोलास से भिड़ेंगे राफेल नडाल जॉन सीना और निकी बेला ने कपड़े उतार कर फैंस को दिया वादा किया पूरा PM मोदी की अध्यक्षता वाली नीति आयोग की बैठक शुरू गूगल ने अपने फोटो स्कैनिंग ऐप में नया अपडेट किया रिलीज राज्यरानी एक्सप्रेस के दो बोगी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं गर्लगैंग के साथ पार्टी करती नजर आई मौनी राय बाबरी मामले में CBI पर सवाल उठाने पर BJP ने कटियार को किया अलग MCD चुनाव में बीजेपी की 225 से ऊपर सीटें आएंगी: मनोज तिवारी
तंबाकू उत्पादों पर उच्च टैक्स दर लगाने की अपील
sanjeevnitoday.com | Monday, October 17, 2016 | 05:20:42 PM
1 of 1

जयपुर। वायॅस ऑफ टोबेको विक्टिमस, संबध हेल्थ फाउंडेशन,वालंटयरी हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित कई संस्थाओं ने जीएसटी कौंसिल से तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत की उच्च टैक्स दर लगाने की अपील की है।

JAIPUR : मात्र 155/- प्रति वर्गफुट प्लाट बुक करे, कॉल -09314166166

इनमें उत्पादों में सिगरेट, बीड़ी और खैनी व गुटखा शामिल हैं।
जीएसटी जैसा व्यापक आर्थिक सुधार सरकार कार्यक्रम तंबाकू पर समान रूप से टैक्स लगाने का एक अनूठा मौका देता है और यह 40 प्रतिशत की सर्वोच्च जीएसटी दर हो सकती है । कार्यक्रम को अपनाने से लाखों भारतीयों को तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण असमय काल के गाल में जाने से बचाया जा सकता है।  कहा जााता है कि तंबाकू के उपयोग से हर साल कोई एक मिलियन लोगों की विभिन्न बीमारियों से मौत हो जाती है।

तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों की प्रत्यक्ष और परोक्ष लागत 2011 में 1.04 लाख करोड़ ($17 बिलियन) थी जो जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 1.16 है। अकेले तंबाकू से संबद्ध प्रत्यक्ष चिकित्सीय लागत राष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यय का करीब 21 है।  बेशक, तंबाकू के कारण होने वाला खर्च भारत सरकार व राज्य सरकारें तंबाकू पर उत्पाद शुल्क आदि से जो राजस्व प्राप्त करती हैं उससे ज्यादा है। (कुल स्वास्थ्य व्यय का सिर्फ 17 प्रतिशत है।)

वीएचएआई की सीईओ भावना मुखोपाध्याय के मुताबिक, जीएसटी लागू होने के बाद कायदे से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पदार्थों जैसे सिगरेट,बीड़ी आदि पर इतना टैक्स लगाया जाए कि वह बाधक के तौर पर काम करे। तंबाकू और तंबाकू उत्पादों के सभी अंतर खत्म करके जीएसटी के तहत सर्वोच्च दर पर टैक्स लिया जाना चाहिए क्योंकि टैक्स दर कम हुई तो उत्पाद सस्ते होंगे और इनका सेवन आसान होगा खासकर उन लोगों के लिए जो गरीबी, अशिक्षा और दूसरे कारणों से इसके अभ्यस्त हो जाते हैं।

यह भी पढ़े : बिस्तर में अपने साथी से कुछ ऐसा चाहती हैं लड़कियां...!!

यह भी पढ़े: स्त्री में सम्भोग की इच्छा बढ़ाने के 4 सबसे आसान घरेलू उपाय...

यह भी पढ़े : क्या आप जानते है छोटे स्तन होने के ये 10 फायदे...?

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.