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30 तक जमा कालाधन करें, जमाकर्ता से नही पूछ सकते धन के सोर्स के बारे में सवाल
sanjeevnitoday.com | Monday, November 28, 2016 | 02:48:03 PM
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नई दिल्ली। अगर आपके पास भी पुराने 500 या 1000 के नोट में कालाधन है तो 30 नवंबर से पहले इसे टैक्‍स और जुर्माने के साथ जमा करा दें। इसके बाद ये नोट वैसे भी बेकार हो जाएंगे, इससे अच्छा उसे बैंक में जमा कर दें। बैंक आपसे ये भी नहीं पूछ सकती कि ये धन आपने कहां से आया है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने आय घोषणा योजना (IDS) के तहत पैसे जमा कराने वाले लोगों ने धन के सोर्स के बारे में नहीं पूछने के लिए कहा है। आईबीए ने बैंकों से कहा कि इस तरह का भुगतान बिना किसी बाधा के स्वीकार किया जाए और जमाकर्ता से धन के सोर्स के बारे में नहीं पूछा जाए। आईडीएस देश के भीतर रखे कालेधन को कर दायरे में लाने के लिये शुरू की गई योजना है जिसमें लोगों द्वारा अघोषित संपत्ति द्वारा ब्यौरा दिया जाता है। इस योजना के तहत टैक्स और जुर्माने के तौर पर सरकार को 45 प्रतिशत राशि मिलेगी।

कुछ लोगों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से शिकायत की थी कि बैंक उनके टैक्स और जुर्माने की राशि को नहीं स्वीकार कर रहे हैं। इसके बाद इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने इस बारे में अपने सभी सदस्यों को पत्र लिखा है। इसमें सीबीडीटी द्वारा आरबीआई को भेजे गए परिपत्र का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार एक घोषणाकर्ता ने शिकायत की है कि बेंगलुरू की एक बैंक शाखा ने कर व जुर्माने की राशि स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

सरकार ने कालेधन की घोषणा के लिए आईडीएस की पेशकश थी जिसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये की घोषणा की। इससे सरकार को टैक्स आदि के रूप में 30000 करोड़ रुपये मिलेंगे। सीबीडीटी ने जिक्र किया है इस योजना के तहत कर, अधिभार व जुर्माने की कीम से 25 प्रतिशत राशि का भुगतान 30 नवंबर 2016 तक किया जाना है।

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