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ये जड़ी-बूटियों करेंगी बीमारियों का रामबाण इलाज़
sanjeevnitoday.com | Monday, July 17, 2017 | 03:08:08 PM
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नई दिल्ली। पौधों और तमाम तरह की जड़ी बूटियों को आदिवासी पूजा पाठ में इस्तेमाल करते हैं। आदिवासी जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से पहले इनकी पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे जड़ी-बूटियों का असर दो गुणा हो जाता है। इन जड़ी-बूटियों और उनके गुणों की पुष्टी आधुनिक विज्ञान भी कर चुका है। आईये जानते कुछ जड़ी-बूटियों के बारे में जो बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है...

1.हरी दूब 
हरी दूब को दूर्वा भी कहा जाता है। इसका रोजाना सेवन शारीरिक स्फूर्ति प्रदान करता है। शरीर को थकान महसूस नहीं होती है। आदिवासी नाक से खून निकलने पर ताजी व हरी दूब का रस 2-2 बूंद नाक के नथुनों में डालते हैं, जिससे नाक से खून आना बंद हो जाता है।

2.मक्का
मक्का खाने से शरीर को ताकत और ऊर्जा मिलती है। इसके सेवन से पीलिया भी दूर हो जाता है।मक्के के बीज, रेशम जैसे बाल, मक्के की पत्तियां सभी जबरदस्त औषधीय गुणों की खान हैं।

3. कनेर
कनेर को बुखार दूर करने के लिए कारगर माना जाता है। आदिवासी हर्बल जानकार सर्पदंश और बिच्छु के काटने पर इसका उपयोग करते हैं।

4. तुलसी
सूक्ष्मजीव संक्रमण में तुलसी को एक बेहतरीन दवा माना जाता है। सर्दी, खांसी और बुखार में उपयोग के अलावा तुलसी सोरायसिस और दाद-खाज के इलाज में भी काम आती है।

5. केवड़ा
जिन महिलाओं को मासिक धर्म संबंधित विकार होते हैं। उनके लिए केवड़ा रामबाण दवा है। आदिवासी हर्बल जानकार विकारों को दूर करने के लिए केवड़े के पौधे का इस्तेमाल करते हैं।

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