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इस कारण होती है बच्चो को लिखितभाषा को समझने में परेशानी

संजीवनी टुडे 12-08-2017 01:41:27

The reason is the difficulty in understanding Likitbhasha the Children

हेल्थ डेस्क। डिस्लेक्सिया एक अधिगम दिव्यांग है जिसका प्रकटीकरण मुख्य रूप से वाणी या लिखितभाषा को समझने में परेशानी होती है। ये कुछ कौशलों और योग्यताओं को प्रभावित कर सकती है। लेकिन बच्चे की बौद्धिकता के सामान्य स्तर से इसका कोई लेनादेना नहीं है। 

 

कुछ बच्चों को पढ़ने और लिखने में कठिनाई आ सकती है, कुछ नये शब्द और अर्थ नहीं सीख पाते हैं, और कुछ ऐसे हैं जिन्हें व्याकरण या नई भाषा से समस्या आती है। भाषा को समझने में इस कठिनाई की वजह से, बच्चा पढ़ाई लिखाई में पिछड़ सकता है। डिस्लेक्सिया कई और किस्म की सीखने से जुड़ी विकलांगताओं, एडीएचडी। 

 

डिस्लेक्सिक बच्चों का मस्तिष्क संरचना और काम के लिहाज से सामान्य मस्तिष्क से भिन्न होता है। ऐसे बच्चों में, मानसिक विकास के लिए जिम्मेदार तंत्रिका तंत्र बचपन से ही अलग प्रकार का होता है। यह भिन्न वाइरिंग ही डिस्लेक्सिया का कारण बनती है। इसी वजह से सीखने व पढ़ने की सामान्य प्रक्रियाएं भी ऐसे बच्चों में लंबा समय ले लेती हैं।

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 डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बच्चों में डिस्लेक्सिया के कुछ आम लक्षण हैं- बोलने में कठिनाई, हाथों व आंख में तालमेल न होना, ध्यान न दे पाना, कमजोर स्मरण शक्ति और समाज में फिट होने में कठिनाई।


चिकित्सक का कहना है की डिसलेक्सिया से पीड़ित बच्चे के प्रयासों को समझें, स्वीकार करें और समर्थन करें। धैर्य व समझदारी से इस समस्या का समाधान प्राप्त करने में आसानी हो सकती है।” डस्लेक्सिक बच्चे अधिक जिज्ञासु होते हैं। हर बात को समझना और जानना चाहते हैं इसलिए, उन्हें तार्किक जवाब देना जरूरी है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए योग फायदेमंद होती है। सांस लेने के व्यायाम और वैकल्पिक चिकित्सा दवाइयों से स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है।

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