loading...
VIDEO: 'फिल्लौरी' के इस सीन को हटाया सेंसर बोर्ड ने! अनुष्का की तारीफ करते हुए शाहरुख़ ने कहा- असंभव पर भरोसा बनाये रखो लीबिया के पास, भूमध्य सागर में नाव डूबी, 250 अफ्रीकन माइग्रेंट्स के मारे जाने का शक पति के साथ CM योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचीं अपर्णा यादव धोनी ने संन्यास को लेकर दिया ये बड़ा बयान, कहा... डॉलर के मुकाबले रुपए में हुई 4 बढ़ोतरी DGP जावीद अहमद ने जारी किया फरमान, आइजी करें थानों का औचक निरीक्षण Airtel करेगी तिकोना नेटवर्क्स के 4G बिजनेस का अधिग्रहण मोदी दिखे अलग अंदाज़ में जिन्हें देखकर यूपी के BJP सांसद भी हुए हैरान यूपी बोर्ड परीक्षा: विज्ञान के इम्तिहान में 58 हजार ने छोड़ी परीक्षा पुणे की टीम में मिशेल मार्श की जगह टीम में शामिल हुआ ये खिलाड़ी क्रेडिट कार्ड सेवा को बंद करने के लिए काटा 5 पैसे का चेक 'बेवॉच' का दूसरा ट्रेलर हुआ लॉन्च एंटी रोमियो स्क्वॉयड के बाद भी लेडी IPS अफसर के मुंह पर छोड़ा सिगरेट का धुआं, फिर... विधानसभाउपाध्यक्ष ने संसदीय प्रक्रियाओं के उल्लंघन करने पर जबरदस्त नाराजगी की जाहिर स्वास्थ्य सेवा में ‘बेहतरीन’ काम कर रही हैं भारतीय-अमेरिकी सीमा वर्मा : ट्रंप अवैध नॉन बैंकिंग कंपनियों पर होगी कार्रवाई ट्रिप एडवायर्स की सूची में जयपुर ने को मिला स्थान कपिल के खिलाफ दायर FIR पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाया UP: 100 से साल ज्यादा पुराना ‘टुंडे कबाबी’ रेस्त्रा पर मंडराया बंद होने का खतरा
मिर्गी आने पर हो सकता है मौत का खतरा।
sanjeevnitoday.com | Wednesday, November 30, 2016 | 06:41:12 AM
1 of 1

वाशिंगटन। अक्सर इंसान इस बारे में नही सोचते की उन्हे किस तरह सोना चाहीये। उनकी सोने की स्थिति के बारे में अंदाजा भी नही लगाया जा सकता की उनकी सोने की स्थिति सकारात्मक है या नकारात्मक। पेट के बल सोने से पेट के बल सोने वाले मिर्गी से ग्रस्त मरीजों में आकस्मिक मौत का खतरा अधिक है। यह शिशुओं की आकस्मिक मृत्यु के लक्षणों के समान है। यह बात एक शोध में सामने आई है। मिर्गी मस्तिष्क संबंधी बीमारी है जिसमें मरीज को बार-बार दौरे पड़ते हैं। विश्व भर में लगभग पांच करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं।
 
इलिनोइस में शिकागो विश्वद्यिालय के जेम्स ताओ ने कहा... 
अनियंत्रित मिर्गी में मौत का मुख्य कारण आकस्मिक मृत्यु है और आमतौर पर यह सोने के दौरान ही होती है। इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने 25 अध्ययनों की समीक्षा की, जिसमें शामिल 253 आकस्मिक मृत्यु के मामलों में लोगों की शारीरिक स्थिति को दर्ज किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि पेट के बल सोने की स्थिति के मामलों में 73 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 प्रतिशत लोगों के सोने की स्थिति अलग थी। शिशुओं के मामलों की तरह ही वयस्कों में अक्सर दौरे के बाद जागने की क्षमता नहीं होती। विशेष रूप से सामान्य दौरे में। अध्ययन में मिर्गी से आकस्मिक मौत से बचाव के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति को बताया गया है। 'कमर के बल सोना ही यह महत्वपूर्ण रणनीति है। कलाई घड़ी और बेड अलार्म के इस्तेमाल से सोने के दौरान इस तरह की मृत्यु से बचाव में मदद मिल सकती है। यह अध्ययन ऑनलाइन जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।

यह भी पढ़े: नाक में क्यों होते है दो छेद? जाने वजह

यह भी पढ़े....पकडे गए फिल्मों को लीक करने वाले मुन्नाभाई

यह भी पढ़े: ये है दुनिया के सबसे पेचीदा 21 तथ्य जिनका जानना बेहद जरुरी... पढ़े एक बार

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.