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डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर, सभी सीएचसी में बनाए संक्रामक वार्ड
sanjeevnitoday.com | Monday, July 17, 2017 | 11:38:39 PM
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पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में गत वर्ष डेंगू से कोई मौत होना नहीं पाया गया। यह कागजी आंकड़ा लगभग हर साल ही सामने आता है, लेकिन संक्रामक रोगों के फैलने के दौरान हकीकत कुछ और ही होती है। इस बार डेंगू को लेकर शासन द्वारा की जा रही सख्ती के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग भी गंभीर होता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में संक्रामक वार्ड बनाए जा चुके हैं। एंटी लार्वा के छिड़काव की तैयारी भी शुरू कर दी गयी है।      

जिले में डेंगू लगभग हर साल ही कहर बरपाता है। सरकारी स्तर पर इसकी जांच आदि की कोई व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में मजबूरन शरण लेनी पड़ती है। जहां इलाज के नाम पर लोगों को गुमराह कर जमकर उनकी जेबें ढीली की जाती हैं। डेंगू को लेकर जब काफी हो-हल्ला शुरू होता है तो स्वास्थ्य विभाग चंद डेंगू के लक्षण वाले मरीजों का ब्लड सैंपल लेकर मामले की इतिश्री कर लेता है। 


गत वर्ष तो व्यापारियों ने भी डेंगू मामले में कोई कार्रवाई न होने पर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अपना रवैय्या नहीं बदला। जबकि गत वर्ष करीब दस से अधिक लोगों की मौत डेंगू से होना पाया गया। इधर कोर्ट द्वारा डेंगू मामले में हस्तक्षेप करने के बाद शासन ने सेहत महकमे को गंभीरता बरतने के आदेश दिए हैं। शासन की सख्ती का असर भी लगभग दिखने लगा है। डेंगू से निपटने को लेकर डीएम शीतल वर्मा ने बैठक कर इसकी रूपरेखा भी बनाई। 

जिला अस्पताल समेत सीएचसी में बने संक्रामक वार्ड      
डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल के पुराने आईसीयू वार्ड में संक्रामक वार्ड स्थापित किया जा चुका है। इसमें दस बेड व मच्छरदानी, पंखे आदि भी लगा दिए गए हैं। वहीं सीएमओ के मुताबिक जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड के संक्रामक वार्ड स्थापित करने को कहा गया है। जीवनरक्षक दवाओं समेत अन्य दवाएं उपलब्ध करा दी गई है।      
   
जिले के आबादी वाले क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव      
जिले की तीनों नगरपालिका व छह नगरपंचायत समेत अन्य आबादी वाले क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। सीएमओ स्तर से इसकेे लिए टीमें भी बना दी गई हैं। यदि कहीं डेंगू से संबंधित सूचना मिलती है तो टीम द्वारा तत्काल पहुंचकर एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर बनी स्वास्थ्य समितियों को एंटी लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया है। ग्राम प्रधान व एएनएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही गांव में तैनात सफाई कर्मियों के माध्यम से साफ सफाई कराने को कहा गया है।      
    
अब लखनऊ नहीं, बरेली में होगी डेंगू की जांच      
संदिग्ध डेंगू के मरीज मिलने पर अभी तक उनके ब्लड का सैंपल लेकर लखनऊ स्थित लैब भेजा जाता था, लेकिन अब संदिग्ध डेंगू मरीजों की जांच बरेली स्थित लैब में हो सकेगी। ऐसे में अब कई-कई दिन तक जांच रिपोर्ट न आने के झंझट से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है।      
      
गत वर्ष महज 45 संदिग्ध मरीजों की हुई थी जांच      

गत वर्ष डेंगू को लेकर जिले में काफी हो-हल्ला हुआ था। प्राइवेट अस्पतालों में इससे जुड़े मरीजों की भरमार थी। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग महज 45 संदिग्ध मरीजों की ही जांच करा सका था। वहीं डेंगू से कोई मौत नहीं होना पाया। जबकि जिले भर में करीब दस से अधिक लोगों की मौत डेंगू से होना पाया गया था।   

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