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क्या ई-सिगरेट पीना सेहत के लिए उतना ही घातक हैं जितना सिगरेट, जानिए आगे
sanjeevnitoday.com | Saturday, August 12, 2017 | 01:52:53 PM
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नई दिल्ली। हाल ही के एक अध्ययन से पता चला है कि जो किशोर ई-सिगरेट का इस्तेमाल एक तरह के दिखावे के लिए करते हैं उनके अक्सर छह महीने के अंदर-अंदर भारी सिगरेट धूम्रपान पीने वालों में शामिल होने की संभावना होती है।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 3,000 प्रतिभागियों पर किया गया, जो लॉस एंजिल्स क्षेत्र के 10 सार्वजनिक उच्च विद्यालयों के छात्र हैं।15 वर्ष की उम्र के इन टीन्स का उनके ई-सिगरेट के उपयोग के मुताबिक 2014 के पश्चात और छह महीने बाद किया गया।

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दक्षिणी कैलिफोर्निया केक स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों ने दिन में 10 बार से ज्यादा सिगरेट का सेवन किया है, उनका औऱ लोगों की तुलना में भारी धूम्रपान करने वाला बनने की संभावना ज्यादा रहती है। 15 वर्ष की उम्र इन टीन्स के लिए एक महत्वपूर्ण समय है क्योंकि इस समय ही अधिकतर धूम्रपान शुरू करते हैं। अध्ययन से पता चलता है कि किशोरों में से 20 प्रतिशत किशोर सिगरेट का छह महीनों तक धूम्रपान करते हैं, जबकि केवल 1 प्रतिशत ही ऐसे थे जो बहुत कम करते थे। जिस व्यक्ति की कश लेने को दौरान जितनी अधिक ताकत और तम्बाकू की मात्रा जितनी अधिक होगी, उतनी ही उसको उसकी आवश्यकता होगी।

 



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