संजीवनी टुडे

News

अब बैंकों से निकाल सकते हैं ज्यादा रकम

संजीवनी टुडे 29-11-2016 09:15:24

Now extract more money from banks

नई दिल्ली। नकदी किल्लत से अब कुछ राहत मिल सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने आज बैंक निकासी की मौजूदा सीमा खत्म कर दी है। शर्त यह है कि यह राशि लीगल टेंडर में 29 नवंबर के बाद जमा की गई हो। अभी तक एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये निकासी की सीमा तय की गई थी।

रिजर्व बैंक ने सोमवार देर शाम सर्कुलर जारी कर कहा कि लीगल टेंडर (वैध करंसी) नोट जमा करने वाले ग्राहक मौजूदा सीमा से अधिक राशि निकाल सकेंगे। आरबीआई ने बैंकिंग तंत्र में नोटों का सर्कुलेशन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। नए लीगल टेंडर या 29 नवंबर के बाद जमा की गई राशि आप खाते से निकाल सकते हैं। पहले से जमा राशि आप सप्ताह में 24 हजार ही निकाल सकते हैं। 

यदि कोई व्यक्ति अब 4,000 रुपये की रकम (2,000, 500, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपये के वैध नोटों में) जमा करता है, तो उसके लिए निकासी सीमा 4,000 रुपये तक बढ़ जाएगी, जो 24,000 रुपये की साप्ताहिक निकासी सीमा से ऊपर होगी। चालू खातों के लिए, छोटे व्यापारियों के वास्ते निकासी सीमा प्रति सप्ताह 50,000 रुपये है। सर्कुलर में आरबीआई ने कहा कि खातों से नकदी निकासी पर मौजूदा सीमा को देखते हुए कुछ जमाकर्ता अपना पैसा बैंक खातों में जमा करने से हिचकिचा रहे हैं। 

आरबीआई की ओर से कहा गया है कि नए नियम के तहत निकासी करने पर 500 और 2000 रुपये के नए नोट दिए जाएंगे। नोटबंदी के बाद बैंकों में 500 और 1,000 के पुराने नोटों में कुल 8.45 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं या बदले गए हैं। यह आंकड़ा 27 नवंबर तक का है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में यह जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस दौरान बैंकों ने काउंटर और एटीएम के जरिए 2.16 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 33,948 करोड़ रपये के पुराने नोट बदले गए हैं। लोगों ने बैंक काउंटरों या एटीएम के जरिए 2,16,617 करोड़ रुपये निकाले हैं।

यह भी पढ़े :बड़े भाई को हुआ छोटी बहन से प्यार, पिता ने करा दी सगाई!

यह भी पढ़े :शादी में दूल्हा-दुल्हन को क्यों लगाई जाती है मेहंदी? जाने वजह

यह भी पढ़े :जाने, दांतों की सेहत आपकी SEX LIFE को कर सकती है खराब! 

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

More From national

loading...
Trending Now
Recommended