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वापिस मिल सकता है ज्वालामुखी पर्वत के फटने से तबाह हुआ दुनिया का आठवां अजूबा
sanjeevnitoday.com | Tuesday, June 20, 2017 | 02:50:26 AM
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कहा जाता है कि आज से लगभग 200 साल पहले दुनिया में आठ अजूबे हुआ करते थे. यह आठवां अजूबा New Zealand के Island Lake Rotomahan में मौजूद था. यहां के निवासी कहते हैं कि Mount Tarawera के पास यह झील मौजूद थी. लेकिन साल 1886 में इस ज्वालामुखी पर्वत के फटने से, दुनिया का यह आठवां अजूबा पूरी तरह से तबाह हो गया.

New Zealand के Hochstetter ने की पहली बार रिसर्च

इस विस्फोट से पहले इस झील पर हमेशा सफ़ेद और गुलाबी सिलिका की परत जमी रहती थी. German Researcher Ferdinand Von Hochstetter ने अपनी Research में यह दावा किया था कि, उन्होंने दफ़न हो चुकी इस सफ़ेद और गुलाबी सिलिका की छतों की Location का पता लगा लिया है.

 

उन्होंने यह Research साल 1859 में की थी. इस खोज की वजह से Hochstetter को New Zealand का Father of Geologist कहा जाता है.

कैसे बना था यह आठवां अजूबा-

Lake Rotomohana के किनारे पर Silica की यह परत गरम पानी की दो झरनों की वजह से बनती थी. साल 1830 की शुरुआत में यहां के लोग इसे Te Otukapuarangi और Te Tarata कहते थे. 10 जून साल 1886 को Mount Tarawera के फटने से यह पूरा इलाका राख में तब्दील हो गया. इस वजह यह सिलिका  परत  झील के नीचे चली गई.

क्या गलत साबित होगी  Hochstetter की research

New Zealand के Journal The Royal Society में Doctor Sascha Nolden और Rexx Bunn ने अपनी रिपोर्ट में यह बताया कि यह सिलिका की परत झील के नीचे नहीं बल्कि झील के किनारे जमा हो गयी थी.


 

साल 2011 में University ऑफ़ Waikato और The Woods Hole Oceanographic Institute के Scientists ने यह सिलिका की गुलाबी परत पाए जाने का दावा किया था. लेकिन पिछले साल GNS Science New Zealand ने अपनी रिसर्च में यह बताया कि जवालामुखी के फटने से यह परत पूरी तरह से समाप्त हो गयी है.

हालांकि अभी इस पर रिसर्च चल रही है.



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