loading...
जब तुलसीदास जी काशी में विद्वानों के मध्य बैठकर कर रहे थे भगवत्-चर्चा! फेफड़ों के कैंसर का इलाज तलाशने की दिशा में कामयाबी? 2020 तक हो पायेगा एड्स का रामबाण इलाज, यह नई दवा करेगी वायरस का खात्मा! यहाँ इंटरव्यू में लड़कियों से पूछा जाता हैं ये सवाल! कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाने पर भुगतने पड़ सकते हैं ये खतरनाक परिणाम! Research: कई मुलाकातों और सामने वाले के व्यवहार से होता है सच्चा प्यार! जानिए महिलाएं क्यों करती हैं ऑर्गैजम का नाटक? क्या आप जानते है नाखूनों पर बने अर्ध चांद का मतलब? Alert: एड्स से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी हैं "सेक्स सुपरबग", जानें लक्षण! खूबसूरत दिखने के लिए इस लड़की ने कर डाला अविश्वसनीय काम! आतंकवाद के जाल में फंसकर रह गयी हैं दुनिया: नरेंद्र मोदी रैसलमेनिया 33 से पहले अंडरटेकर को लेकर रोमन रेंस ने दिया ये बयान पीएम मोदी का मंत्रिमण्डल जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा है, कांग्रेस अपने बड़बोलेपन के कारण विपक्ष में भी नहीं: राजनाथ अमेरिका: नस्लीय हमले के विरोध में भारतीय मूल के लोगों ने निकाली रैली दो घरों सहित आधा दर्जन जगहों से लाखों की चोरी एक अप्रैल तक बैंक शाखाओं के खुला रहने का बैंक यूनियन ने किया विरोध महापंचायत सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए एक जुट दो महिलाओं की धारदार हथियार से हत्या BJP सांसद हुकुमदेव नारायण ने पटना एयरपोर्ट पर झाड़ा रौब, खाली बस लेकर पहुंचे प्लेन तक बड़े बडे वादे करके किसानों को गुमराह कर रही है BJP सरकार: कांग्रेस
फेफड़ों के कैंसर का इलाज संभव, मिली नई सफलता
sanjeevnitoday.com | Thursday, December 1, 2016 | 04:37:20 PM
1 of 1

नई दिल्ली। फेफड़ों के कैंसर का इलाज तलाशने की दिशा में वैज्ञानिकों को एक अहम कामयाबी मिली है। दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों के एक दल ने लंग कैंसर से जुड़े एक नए प्रोटीन की पहचान की है। इस प्रोटीन की वजह से ही लंग कैंसर होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ उलसान कॉलेज ऑफ मेडिसन में चैंग-ह्वान ली के नेतृत्व में एक टीम ने इस नए प्रोटीन का पता लगाया। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित लोगों के डीएनए का विश्लेषण करने के बाद उन्हें USE1 नाम की इस प्रोटीन पता चला।

ली ने कहा, ' इस शोध का मुख्य बिंदू यह है कि हमने उस प्रोटीन का पता लगा लिया है जिसकी वजह से लंग कैंसर होता है। यही प्रोटीन ट्यूमर बनने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। प्रोटीन की सक्रियता से ट्यूमर के खतरनाक होने और आखिरकार पीड़ित की जान जाने की आशंका बहुत बढ़ जाती है।' इस नए शोध के चलते भविष्य में इस तरह के कैंसर से बचने का इलाज ढूढ़ा जा सकता है। इसकी मदद से नई दवाइयां भी बनाई जा सकती हैं।

यह भी पढ़े: ये है दुनिया के सबसे पेचीदा 21 तथ्य जिनका जानना बेहद जरुरी... पढ़े एक बार

यह भी पढ़े: मनुष्यों के लिये अंग उगाएगी छिपकली की पूंछ!

यह भी पढ़े: गर्लफ्रैंड के गालों के रंग से जानिए वो कितनी लकी है आपके लिए..!

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.