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अब सर्च इंजन बचायेगा लोगो की जान, सुसाइड पर लगेगी लगाम
sanjeevnitoday.com | Thursday, December 1, 2016 | 04:31:32 PM
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बर्लिन। आने वाले समय में इंटरनेट के सर्च इंजन लोगों की जान बचाने में भी मदद कर सकते हैं क्योंकि वैज्ञानिक एक ऐसा तरीका इजाद कर रहे हैं, जिससे उन यूजर्स की पहचान कारगर ढंग से की जा सकती है, जिनके द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने का खतरा है। इन सर्च इंजनों के जरिए उन्हें यह जानकारी दी जाएगी कि उन्हें कहां से मदद मिल सकती है।

सर्च इंजन पर डाले गए सवाल केवल यूजर्स की रूचि के बारे में ही नहीं बताते बल्कि उनमें उनके मूड और स्वास्थ्य की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी निहित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के चलते, गूगल जैसे सर्च इंजन पहले ही खोज के लिए डाले जा रहे उन सवालों के जवाब दे रहे हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि यूजर्स शायद आत्महत्या के बारे में विचार कर रहा है। इन यूजर्स का ध्यान काउंसलिंग और आत्महत्या की रोकथाम करने वाली अन्य सेवाओं की ओर खींचा जाता है। जर्मनी की लुडविग मैक्सिमिलियन यूनिवर्सिटी (LMU) के फ्लोरियन अरेन्ड ने कहा, 'इंटरनेट आत्महत्या रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।' वास्तव में तमाम स्टडिज में यह बात सामने आई है कि आत्महत्या करने को आतुर व्यक्ति भी उपलब्ध सहायता संसाधनों की याद दिलाने पर अपना इरादा बदल सकता है। रिसर्चर ने इस बात पर एक अध्ययन किया था कि किस तरह सर्च इंजन द्वारा इस्तेमाल की जा रही प्रणाली को सवालों के विश्लेषण के लिए संशोधित किया जा सकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खतरे के कगार पर पहुंचे लोगों तक उपचार संबंधी जानकारी पहुंचाई जा सके। यह अध्ययन हेल्थ कम्यूनिकेशन नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

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