loading...
बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण सफल हुआ: उत्तर कोरिया बांग्लादेश को चक्रवाती तूफान 'मोरा' से बचाने के लिए तैयार है भारतीय नौसेना 0.19 अंक की बढ़ोतरी के साथ सेंसेक्स 31,109.47 के स्तर पर Alert: 20 से 25 लश्करी आतंकी भारत में घुसे, बड़े हमले की फिराक में आतंकी 1 जून से SBI करने जा रहा है अपने सर्विस चार्ज में बदलाव, जानिए क्या? असम में पुल बनने से चीन परेशान, भारत से संयमित और नपा तुला रूख कायम रखने को कहा जीएसटी एक कुशल कर प्रणाली है, जो न सिर्फ कर चोरी को रोकेगा बल्कि भारत को एक मज़बूत समाज बनने में मदद भी करेगा : अरुण जेटली ...तो शाहिद कपूर के भाई जाह्नवी कपूर को कर रहे है डेट बीजेपी नेता बर्नार्ड मराक का बयान, कहा- सत्ता में वापस आया तो सस्ता कर दूंगा 'बीफ' मोदी ने दिया यूरोप को आतंकवाद से सामना करने का सुझाव लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत कई बड़े नेता बाबरी केस मामले में आज कोर्ट में होंगे पेश बिग बी आज करेंगे 'दरवाज़ा बंद' अभियान का शुभारंभ, अनुष्का शर्मा भी जोगी शामिल निक्केई में आई 0.5 प्रतिशत की गिरावट बांग्लादेश पहुंचा चक्रवाती तूफान 'मोरा', ओड़िशा, बंगाल समेत पूर्वोत्तर में हालात बिगड़ने की आशंका बहन से छेड़खानी करने वाले चचेरे भाई गिरफ्तार जलसा में आराध्या और ऐश्वर्या के साथ फैंस को हैलो करते नजर आए बिग बी प्रकाश जावड़ेकर ने रैगिंग से निपटने के लिए यूजीसी एप की शुरूआत अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाधव को न तो बरी कर रहा है और न ही दोषी ठहरा रहा है : पाक लूट के विरोध पर हुई थी काले की हत्या, तीन बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे रुपए में आई 6 पैसे की गिरावट
यहां पर मृत व्यक्ति को लाया जाए तो वह पुन: हो जाता है जीवित!
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 05:23:36 PM
1 of 1

नई दिल्ली। जन्म और मृत्यु भगवान के हाथ में है। कोई नहीं जानता उसे कब मत्यु आ जाए। मृत्यु के पश्चात आत्मा शरीर का त्याग कर देती है। मृत व्यक्ति दोबारा जीवित नहीं हो सकता यहीं जीवन का सत्य है, लेकिन देहरादून में एक ऐसा स्थान है, जहां पर किसी व्यक्ति का शव ले जाया जाए तो वह पुन: जीवित हो जाता है। देहरादून से 128 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाखामंडल नामक स्थान यमुना नदी की तट पर बर्नीगाड़ नामक जगह से सिर्फ 4-5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

समुद्र तल से इस स्थान की ऊंचाई लगभग 1372 मीटर है। इसके विषय में कहा जाता है कि यदि यहा पर मृत व्यक्ति को लाया जाए तो वह पुन: जीवित हो जाता है। इस स्थान की खुदाई के समय विभिन्न आकार और अलग-अलग काल के हजारों शिवलिंग प्राप्त हुए हैं। माना जाता है कि पांडवों को जीवित आग में भस्म करने के लिए कौरवों ने यहीं लाक्षागृह का निर्माण करवाया था।

माना जाता है कि युधिष्ठिर ने अज्ञातवास के समय यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। आज भी यह शिवलिंग महामंडेश्वर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां एक खूबसूरत मंदिर का निर्माण भी करवाया गया था। शिवलिंग के सामने दो द्वारपाल पश्चिम की और मुंह करके खड़े हुए दिखाई देते हैं।

माना जाता है कि मंदिर में यदि किसी शव को इन द्वार पालों के सम्मुख रखकर मंदिर का पुजारी जल छिड़के तो वह व्यक्ति कुछ समय के लिए पुन: जीवित हो जाता है। जब वह व्यक्ति जीवित हो जाता है तो उसे गंगाजल दिया जाता है। गंगाजल ग्रहण करने के पश्चात उसकी आत्मा फिर से उसकी देह त्यागकर चली जाती है। इससे संबंधित रहस्य के बारे में आज तक कोई नहीं जान पाया।

यह भी पढ़े: नाक में क्यों होते है दो छेद? जाने वजह

यह भी पढ़े: नोटबंदी के बीच आईएएस अफसरों ने सिर्फ 500 रूपये में रचाई शादी

यह भी पढ़े: ये है दुनिया के सबसे पेचीदा 21 तथ्य जिनका जानना बेहद जरुरी... पढ़े एक बार

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.