loading...
BOLLYWOOD : के खिलाडी खेलने जा रहे है एक मददगार खेल, शहीद हुए जवानों के परिजनों की करेंगे मदद .. बॉलीवुड की बेबो है कमबैक की तैयारी में.. बिहार के महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों और दर्शनिक स्थलों का संक्षिप्त विवरण... 10 रोचक तथ्य जाने हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के बारे में.... OMG यह पहाड़ जन्मा है अजन्मे बच्चे का लिंग बताने के लिए ... जानिये कैसे इन जानवरों को ये सब करता देख, रह जाएगी आँखे खुली की खुली क्या आप जानते हो, आखिर क्या करती हैं लडकिया जब होती है घर में वो अकेली.. पाक ने अबाबील मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया.. बड़ी राहत: किशानो का 660.50 करोड़ रूपये का ब्याज माफ़ OMG यहां इंसान बनाते हैं जानवरों से संबंध... गर्लफ्रेंड की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल फंसा ये क्रिकेटर किसानों की समृद्धि से होगा देश का विकास : गौरीशंकर कांग्रेस को मिला सबसे ज्यादा अज्ञात चंदा, बसपा की सारी आय अज्ञात जल्द 'कॉफी विद करन' में नजर आएंगे आलिया- वरुण ग्रामीण आवास प्रोत्साहन की नई योजना को मंजूरी महिला पुलिसकर्मी को कॉल करके करता है अश्लील बातें, आरोपी गिरफ्त से बाहर उप्र चुनाव: प्रथम चरण में कुल 1183 नामांकन पत्र दाखिल मोहम्‍मद शमी की फोटो से सोशल मिडिया पर उठे ये सवाल.... गणतंत्र दिवस पर हमले की फिराक में थे लश्कर के आतंकी, तीन को सुरक्षाबलों ने मार गिराया ब्रेग्जिट की कानूनी जंग में ब्रिटिश सरकार को मिली हार, संसद की मंजूरी के बिना नहीं हो सकते यूरोपीय संघ से बाहर
यहां पर मृत व्यक्ति को लाया जाए तो वह पुन: हो जाता है जीवित!
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 05:23:36 PM
1 of 1

नई दिल्ली। जन्म और मृत्यु भगवान के हाथ में है। कोई नहीं जानता उसे कब मत्यु आ जाए। मृत्यु के पश्चात आत्मा शरीर का त्याग कर देती है। मृत व्यक्ति दोबारा जीवित नहीं हो सकता यहीं जीवन का सत्य है, लेकिन देहरादून में एक ऐसा स्थान है, जहां पर किसी व्यक्ति का शव ले जाया जाए तो वह पुन: जीवित हो जाता है। देहरादून से 128 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाखामंडल नामक स्थान यमुना नदी की तट पर बर्नीगाड़ नामक जगह से सिर्फ 4-5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

समुद्र तल से इस स्थान की ऊंचाई लगभग 1372 मीटर है। इसके विषय में कहा जाता है कि यदि यहा पर मृत व्यक्ति को लाया जाए तो वह पुन: जीवित हो जाता है। इस स्थान की खुदाई के समय विभिन्न आकार और अलग-अलग काल के हजारों शिवलिंग प्राप्त हुए हैं। माना जाता है कि पांडवों को जीवित आग में भस्म करने के लिए कौरवों ने यहीं लाक्षागृह का निर्माण करवाया था।

माना जाता है कि युधिष्ठिर ने अज्ञातवास के समय यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। आज भी यह शिवलिंग महामंडेश्वर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां एक खूबसूरत मंदिर का निर्माण भी करवाया गया था। शिवलिंग के सामने दो द्वारपाल पश्चिम की और मुंह करके खड़े हुए दिखाई देते हैं।

माना जाता है कि मंदिर में यदि किसी शव को इन द्वार पालों के सम्मुख रखकर मंदिर का पुजारी जल छिड़के तो वह व्यक्ति कुछ समय के लिए पुन: जीवित हो जाता है। जब वह व्यक्ति जीवित हो जाता है तो उसे गंगाजल दिया जाता है। गंगाजल ग्रहण करने के पश्चात उसकी आत्मा फिर से उसकी देह त्यागकर चली जाती है। इससे संबंधित रहस्य के बारे में आज तक कोई नहीं जान पाया।

यह भी पढ़े: नाक में क्यों होते है दो छेद? जाने वजह

यह भी पढ़े: नोटबंदी के बीच आईएएस अफसरों ने सिर्फ 500 रूपये में रचाई शादी

यह भी पढ़े: ये है दुनिया के सबसे पेचीदा 21 तथ्य जिनका जानना बेहद जरुरी... पढ़े एक बार

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.