संजीवनी टुडे

न्यूटन से पहले ही गुरूत्वाकर्षण बल की जानकारी थी आर्यभट्ट को

संजीवनी टुडे 22-02-2015 00:00:00

नई दिल्ली। भारत के जाने पहचाने वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चीफ जी माधवन नायर ने आज बोला है कि वेद के लिखें गए कुछ दोहों में चंद्रमा पर पानी की उपस्थिती को व्यक्त किया है और आर्यभट्ट जैसे खगोलविद् न्यूटन से भी कहीं पहले गुरुत्वाकर्षण बल की जानकारी उनके पास थी। 

पद्म विभूषण पुरस्कार प्राप्त कर चुके 71 वर्ष के नायर ने यह बताया है कि भारतीय वेदों और प्राचीन हस्तलेखों में भी धातुकर्म, बीजगणित, खगोल विज्ञान, गणित, वास्तुकला एवं ज्योतिष-शास्त्र के बारे में इसकी जानकारी थी और यह सूचना उस समय से थी, जब पश्चिमी देशों को इस बारे में कोई पता नहीं था। वेदों पर आयोजित एक इंटरनेशनल समिट को संबोधित करते हुए नायर ने कहा कि वेदों में दी गई जानकारी ''संक्षिप्त स्वरुप'' में थी जिससे आधुनिक विज्ञान के लिए उन्हें मानना बहुत कठिन हो गया है। 

उन्होंने बोला है कि अपने चंद्रयान मिशन के माध्यम से हमने इस बात को विश्व में सबसे पहले इसकी व्याख्या कि गई है। इसके अलावा विख्यात खगोल शास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट को लेकर नायर ने यह भी बताया है कि हमें इस बात पर संदेह है। आर्यभट्ट और भास्कर ने न केवल सौरमंडल के रहस्यों का खुलासा किया, जकि सौरमंडल के बाहर की विश्व की भी खोज की।

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