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GST समिति ने Tax की दरों पर किया विचार, राज्यों के मुआवजे की व्यवस्था पर बनी सहमति

संजीवनी टुडे 18-10-2016 21:20:50

The idea on the rates of GST Tax Committee State compensation arrangements agreed upon

नई दिल्ली। सूत्रों के अनुसार - वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी परिषद ने वस्तुओं और सेवाओं की संभावित दरों पर आज विचार विमर्श किया जिसमें जीएसटी के लिए चार स्तर की दरें रखने की संभावना भी शामिल है जो 6, 12, 18 और 26 प्रतिशत रखी जा सकती हैं। इसमें सबसे निचली दरें आवश्यक वस्तुओं के लिए तथा सबसे उंची दर विलासिता के सामानों के लिए होगी। आज की चर्चाओं में जीएसटी लागू होने पर राजस्व के संभावित नुकसान पर राज्यों को मुआवजा भुगतान की व्यवस्था पर सहमति बनी।

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वित्त मंत्री अरण जेटली की अध्यक्षता वाली इस महत्वपूर्ण समिति में सभी राज्यो के प्रतिनिधि शामिल हैं। बैठक में 1 अप्रैल, 2017 से नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के लागू होने की स्थिति में राज्यो को राजस्व नुकसान की भरपाई के तरीके पर सहमति बनी। जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि मुआवजे के लिए राज्यो को राजस्व की तुलना का आधार वर्ष 2015-16 होगा। पहले पांच साल में राज्यों में राजस्व में 14 प्रतिशत वाषिर्क की दीर्घावधिक वृद्धि दर को सामान्य माना जाएगा और उसकी तुलना में यदि राजस्व कम रहा तो केंद्र  द्वारा संबंधित राज्य को उसकी भरपाई की जाएगी।

वस्तुओं और सिगरेट-तंबाकू जैसे उत्पादनों के  लिए...

जीएसटी परिषद की तीन दिन की बैठक के पहले दिन जीएसटी दर ढांचे के पांच विकल्पांे पर विचार किया गया। जेटली ने कहा कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और विचार विमर्श कल भी जारी रहेगा। बैठक में चार स्लैब के कर ढांचे 6, 12, 18 और 26 प्रतिशत पर विचार किया गया। सबसे उंची दर विलासिता की वस्तुओं और सिगरेट-तंबाकू जैसे उत्पादनों के  लिए होगी। खाद्य वस्तुओं को कर की छूट का प्रस्ताव है, जबकि सामान्य इस्तेमाल के 50 प्रतिशत उत्पादन पर  भी कर नहीं लगाने का प्रस्ताव है जिससे महंगाई को काबू में रखा जा सके। 

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