रेसिपी: इस प्रकार बनाएं स्वादिष्ट मैकरोनी कन्‍नौज में दूल्‍हा-दुल्‍हन ने थाने में रचाई शादी, खाईं सात जन्‍मों की कसमें, देखें वीडियो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता हैं पपीता, जानिए पद्मावती विरोध: किले में शव मिलने से बॉलीवुड में मचा हड़कंप, जानिए पूरा मामला मिस्र: हिंसक आतंकी हमले में 155 मरे, सैंकड़ों घायल ‘मॉनसून शूटआउट’ का नया गाना ‘अंधेरी रात’ में दिया हुआ रिलीज़ THE फैक्ट्री कार्नर ने मनाया बालदिवस कई खतरनाक बीमारियों को दूर भगाता है अमरूद, जानिए अभिनेत्री नमिता ने फिल्म निर्माता वीरेंद्र चौधरी संग रचाई शादी DSP ने शादी का झांसा देकर महिला कांस्टेबल से बनाए शारीरिक सम्बन्ध सुस्त मांग से सोने में गिरावट, चांदी स्थिर मिनटों में निखरी और बेदाग त्वचा पाने के लिए दही का करें इस्तेमाल JIO का ऐलान, कल से बंद हो जायेगी ये सर्विस मिस्र के उत्तरी प्रांत में चरमपंथियों का हमला, 85 लोगो की मौत, 80 घायल ईरान: 4.3 की तीव्रता से आया भूकंप, 35 घायल दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में चलती बस में युवक की चाकू मारकर की हत्या अब इन दोनों कपल का हुआ ब्रेकअप, 4 सालों से कर रहे थे डेट ईरान के पश्चिमी प्रांत में भूकंप के झटके, 36 लोग घायल क्या नोटबंदी के समय किसी सूटवाले को लाइन में देखा था: राहुल गांधी RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- अयोध्या में राम मंदिर बनेगा इसके अलावा कुछ नहीं
नशे की लत बच्चे सामान्य अपराध की नर्सरी हुए साबित
sanjeevnitoday.com | Sunday, July 16, 2017 | 07:48:09 AM
1 of 1

ग्वालियर. एक औपचारिक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार नशे की लत में बच्चे सामान्य अपराध की नर्सरी साबित हो रहे हैं। किशोर अवस्था तक पहुंचते-पहुंचते ये बच्चे तकरीबन हर प्रकार के अपराध की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। चूंकि पुलिस का रवैया हमेशा मनोवैज्ञानिक तौर पर गैर वैज्ञानिक ही रहता है। जिसके चलते बच्चों के दिमाग से पुलिस का भय भी समाप्त हो जाता है। ग्वालियर के स्लम और कांचमिल इलाके में गंभीर किस्म के सभी अपराध होता है। यहां बेहद छिटपुट अपराध में शामिल रहे बच्चों को धर लिया जाता है। अधिकारी बताते हैं कि इलाके में बड़ा क्राइम दर्ज होता है। विधि विरोधी गतिविधियों में संलग्र किशोरों को उठा लिया जाता है। हाल ही में घोसीपुरा के खुला आश्रयघर में नशे के आदी विधि विरोधी बच्चे रखे गए हैं। वहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

बाल संरक्षण और उससे जुड़ी संस्थाओं के जिम्मेदार अफसरों के  बच्चों को अपराध मुक्त कराने की दिशा में जब भी अभियान की औपचारिकता पूरी करनी होती है, बार बार उन्हीं बच्चों को पकड़ लिया जाता है। ये चक्र साल दर साल चलता रहता है। जानकारी हो कि जिला स्तर पर विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन भी किया जाता है। इस इकाई का मकसद है। कि जिन विधि विरोधी बच्चों ने अभी बेहद असामाजिक काम किया है। उन्हें सामाजिक बनाना या सुधारना। उनका भविष्य रचनात्मक कार्यों में लगे।  इसमें बहुत कम सफलता हाथ लगी है। आधिकारिक जानकारी के इसका प्रभारी अफसर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंक का होना चाहिए। ग्वालियर में विशेष किशोर पुलिस इकाई अभी तक औपचारिक ही साबित हुई है। केवल निर्धारित अभियान की औपचारिकता ही इसके जरिए पूरी की जा रही है।

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188 


FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.