राशिफल : 20 सितंबर : कैसा रहेगा आपके लिए बुधवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें देश और दुनिया के इतिहास में 20 सितंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं सर्वे: अस्वस्थ जीवनशैली है यौन रोग का कारण... खाद्य पदार्थो में मिलावट को कैसे पता करें, जानिए... बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा करने से होती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण दोस्तों से अलग होने पर उदास मन को ऐसे करे फ्रेश.... अधिक चाय पीना सेहत के लिए हानिकारक इन बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है कुट्टू का आटा बालो को जब वाश करते समय रखें इन बातों का ख्याल तो इस कारण नहीं होती लड़कियों की शर्ट में पॉकेट शारीरिक कमजोरी को दूर करती है ये घरेलू चीजें सेहत के बहुत फायदेमंद है रात में नहाना अपने बालों को नया लुक देने के लिए यूज करे हेयर चॉक काम के दौरान तनाव सेहत के लिए खतरनाक एशियाई शेरनी महक का ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न एम एस सुब्बुलक्ष्मी एक अपूर्व और प्रतिष्ठित शख़्सियत थीं जिन्होंने सबको मंत्रमुग्ध कियाः उप राष्ट्रपति आस्ट्रेलिया दौरे: भारतीय महिला हॉकी टीम-ए का एलान, प्रीति करेगी कप्तानी फिल्म 'बागी-2' के लिए गंजे हुए टाइगर श्रॉफ बर्खास्तगी के बाद फिर दिखाने शुरू किए अपने तेवर : प्रदीप शर्मा अन्तर्राष्ट्रीय टैक्सटाईल एवं अपैरल फेयर ’’वस्त्र’’ में आयोजित होगा जयपुर डिजाइनर्स फेस्टिवल
सुप्रीम कोर्ट; कैदीयो की मौतों को लेकर सुधार के दिए निर्देश
sanjeevnitoday.com | Friday, September 15, 2017 | 11:01:20 PM
1 of 1

 

नई दिल्‍ली। भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भारत की जेलों में हिरासत के बाद होने वाली आत्महत्या व अप्राकृतिक मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से यह कहा है कि जेल में आत्महत्या समेत सभी अप्राकृतिक मौतों के मामलों में मरे हुए कैदी के परिवार को उचित मुआवजा देने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करें नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्‍यूरो NCRB के दिए डेटा के मुताबिक 2012 से 2015 के बीच जेलों में मौतों हुई अप्राकृतिक के मामलों का पता लगाने और उनके परिवार को उचित मुआवजा देने के  सरकार को ओपन जेल की व्यवस्था पर विचार करने की जरूरत है।

यह भी पढ़े: शूटिंग के लिए हैदराबाद पहुंचीं श्रद्धा कपूर, प्रभास रख रहे है खास ध्यान

जेलों में कैदियों के अप्राकृतिक मौत को रोकने के लिए जेल के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है। जेल का नाम बदलकर 'सुधार गृह' करने से केवल बात नहीं बनेगी. इसके लिए पर्याप्त उपाय करने  की जरूरत है।  कैदियों के सुधार के लिए एक बोर्ड बनाया जाना चाहिए जिसमें समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल किया जाय जो मॉडल जेल मैन्युअल का लागू कराये और कैदियों के सुधार में सहयोग करें।

 यह भी पढ़े: वरुण ने शर्टलेस तो तापसी ने की बिकनी में फोटो शेयर, हुए ट्रोल के शिकार


केंद्र सरकार सभी राज्यों को इस संबंध में एडवायजरी जारी करे और बताए कि ऐसी मौतों की जांच भी जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा इस काम को 30 नवंबर तक पूरा किया जाना चाहिए  साथ ही परिजनों से कैदियों से मुलाकात को बढ़ावा देना चाहिए सरकार इसके अलावा कैदियों और उनके परिजनों के बीच बातचीत के लिए फोन और वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की व्यव्स्ताओ पर विचार किया जाना चाहिए न केवल परिजनों से बातचीत के लिए बल्कि कैदियों की उनके वकील से बात करने के लिए भी इस पर भी विचार किया जाना चाहिये। 

जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.