loading...
loading...
loading...
नरोत्तम मिश्र को EC ने किया अयोग्य घोषित, जा सकते है हाईकोर्ट T20 क्रिकेट: जेसन रॉय के नाम हुआ ये शर्मनाक वर्ड रिकॉर्ड दर्ज एक जुलाई से देश में जीएसटी लागू होने पर व्यापारियों ने पूछे सवाल इस लेडी टीचर ने स्‍टूडेंड और टीचर के पवित्र रिश्ते को किया कलंकित, स्‍टूडेंड से बनाये शारीरिक संबंध वीडियो: राखी सावंत ने अम्बानी को अपने पाप धोने का बताया रास्ता वीडियो: युवक ने की भीड़ के सामने औरत की निर्ममता से पिटाई इस साल चाइना में रिलीज होगी 'सुल्तान', क्या दे पाएगी 'दंगल' को टक्कर? एक ऐसा गांव जिसकी परम्परा को सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग चीन में भूस्खलन में दबे लोगो की संख्या बढ़कर हुई 141 सरकार, ट्राई के बीच नीतिगत मुद्दों पर विचार विमर्श पुलिस में होना चाहता था भर्ती, फिजीकल टेस्ट की तैयारी करते वक्त हुई मौत बुलंदशहर में 'लेडी पुलिस सिंघम' ने नियम तोड़ने पर BJP नेता को लगाई फटकार OMG: जुहू का अपना घर छोड़ गोरेगांव के होटेल में शिफ्ट हो गए है शाहिद ये है दुनिया के सबसे खतरनाक ब्रिज, यहां चलना खतरे से नहीं है खाली शहीद पिता को मुखाग्नि देते वक़्त खूब रोया 1 साल का बेटा Snapdeal दे रहा है इन ऑफर्स पर भरी डिस्काउंट महिला को प्यार का झांसा देकर लुटे एक करोड़ रुपए कर्नाटक लोक सेवा आयोग ने निकाली टीचर की भर्ती, आज ही करे ऑनलाइन आवेदन राष्ट्रपति चुनावों की तैयारियों को लेकर रविवार को लखनऊ पहुंचेंगे कोविंद डॉलर के मुकाबले रुपए में हुई 7 पैसे की बढ़ोतरी
बांझपन अस्पताल में पुलिस का छापा, बंधक 46 सरोगेट मदर्स को बचाया
sanjeevnitoday.com | Sunday, June 18, 2017 | 07:36:09 PM
1 of 1

हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने एक बड़े सरोगेसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बंजारा हिल्स इलाके में एक अस्पताल से 46 सरोगेट मदर्स बचाया है। हैदराबाद पुलिस ने शनिवार को बंजारा हिल्स में साई किरण बांझपन अस्पताल में छापा मारा जहां से करीब 46 गर्भवती महिलाअों को बचाया।

 

बताया जा रहा है कि प्रत्येक महिलाअों के सरोगेसी के बदले 2.5 से 3.5 लाख रुपए दिया जाता है। इस गतिविधि में शामिल ज्यादातर महिलाएं दिल्ली, नागालैंड, दार्जिलिंग, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की निवासी हैं। डीपीसी टास्क फोर्स लिम्बा रेडी के बताया कि जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) की सहायता से छापा मारा गया। अस्पताल में 46 गरीब महिलाअों को पैसे का लालच देकर सरोगेसी के लिए रखा गया था।

अस्पताल के दस्तावेजों का सत्यापन करने में काफी अनियमितताएं पायी गई। अस्पताल प्रबंधन बिना किसी सरोगेट पंजीकरण के अवैध तरीके से ये सब कर रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन महि्लाअों को बाहर जाने की इजाजत भी नहीं देता, उन्हें अवैध तरीके से अस्पताल में नौ महीने तक रहने को मजबूर कर दिया जाता है। अस्पताल के पास कोई लाइसेंस नहीं है।



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.