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व्यक्ति की AIDS से मौत होने के कारण श्मशान में दाह संस्कार का विरोध, मजबूरी में घर के सामने ही जलाना पड़ा
sanjeevnitoday.com | Monday, October 17, 2016 | 04:56:14 PM
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भुवनेश्वर। ओडिशा के बालासोर में AIDS रोगी की मौत के बाद भेदभाव का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांववालों ने श्मशान में उसका अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। विरोध के बाद मजबूरी में दलित फैमिली को अपने घर के सामने ही शख्स की चिता जलानी पड़ी। लोगों का मानना था कि AIDS पीड़ित को सार्वजनिक तौर पर जलाने से पूरे गांव में रोग फैलने का डर था।

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मुंबई में करता था मजदूरी...
सूत्रों के मुताबिक- तेंतेई गांव में रहने वाले 35 साल के दलित शख्स की एक हॉस्पिटल में शुक्रवार को मौत हो गई थी। वह मुंबई में मजदूरी कर अपने घर पैसे भेजता था, लेकिन HIV से पीड़ित होने के बाद पिछले कुछ महीने पहले घर लौट आया था। पहले उसे कटक के SCB  हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, बाद में फैमिली प्राइवेट हॉस्पिटल ले गई, जहां एक लाख रुपए खर्च आया। मृतक के भाई का कहना है कि गांववालों की जिद के आगे उसे झुकना पड़ा। सोचा नहीं था कि AIDS पीड़ित के साथ ऐसा बर्ताव होता है।
HIV रोगियों से भेदभाव रोकने के लिए पास हुआ था बिल... 
तहसीलदार शत्रुघ्न सेठी और पुलिस ने गांव वालों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एड्स पीड़ितों से भेदभाव रोकने और अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने HIV एंड AIDS (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) बिल पास किया है।

 

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