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बांग्लादेशी गैंग के 7 डकैत को हुए गिरफ्तार

Sanjeevni Today 18-06-2017 09:08:51

देहरादून। CISF अफसर के घर डकैती बांग्लादेशी गैंग ने ही डाली थी। पुलिस ने गैंग के 7 सदस्यों को अरेस्ट कर लिया है, जबकि सरगना अभी फरार है। डेढ़ माह पहले साकेत कॉलोनी में कपड़ा व्यापारी के घर पड़ी डकैती को भी इसी गैंग ने अंजाम दिया था। एक को छोड़कर सरगना सहित गैंग के सभी सदस्य मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं। डकैतों का एक साथी कुछ जेवर लेकर अभी फरार है। इस गैंग ने दोनों घटनाएं दिल्ली से कार से आकर अंजाम दी हैं। पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने शनिवार देर रात 12 जून को हर्रावाला के सिद्धपुरम में CISF के सहायक कमांडेंट सुनील कुमार ढौंडियाल और 26 अप्रैल को साकेत कालोनी में कपड़ा कारोबारी सुमित टंडन के यहां हुई डकैती का खुलासा करने का दावा किया।

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पुलिस ने शनिवार रात डोईवाला के जंगल से मुखबिर की सूचना के आधार पर सात बदमाशों मोनू उर्फ घोलू निवासी बोराई खली बांग्लादेश (हाल पता प्रेमनगर लोनी, व्यवसाय कबाड़ी) आलमगीर निवासी बोराई खली बागर हट, नजरूम निवासी दईबकटी, दुलाल निवासी बनैअली, दुलाल निवासी मोरलगंज बांग्लादेश, बादल कबीर निवासी मोरलगंज बागर हट, चांद कुरैशी निवासी नगीना बिजनौर को अरेस्ट किया। ये लोग दिल्ली और गाजियाबाद में अपनी पहचान छिपाकर  कबाड़ी, मछली, सब्जी बेचने का काम करते हैं। तलाशी में इनके पास से 15 मोबाइलों के साथ सात हथियार बरामद हुए, जिनमें तमंचे, चाकू आदि शामिल हैं। कई तरह के पेंचकस, आरी, लोहे की छड़ भी मिली है, जिसका उपयोग वे ताले तोड़ने अथवा ग्रिल निकालने में करते हैं। SSP ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों ने हर्रावाला और डालनवाला में डकैती डालना स्वीकार किया है। हर्रावाला डकैती में लूटे सोने के जेवरात, लैपटॉप आदि सामान बरामद हो गया है। उनका एक साथी सागर अभी फरार है। डकैती के कुछ जेवरात उसके पास हैं। सुमित टंडन के यहां से लूटे गए 2 मोबाइल बरामद हो गए हैं।

जेवर बेचे जा चुके हैं। पुलिस पकड़े गए लोगों को रिमांड पर लेकर डकैती का माल बरामद करने का प्रयास करेगी। SSP कुकरेती, DIG पुष्पक ज्योति, एडीजी राम सिंह मीणा ने पुलिस टीम की सराहना की है। DGP ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। SP देहात सरिता डोभाल, SP सिटी प्रदीप राय, एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल, ACP लोकेश्वर सिंह, सीओ डालनवाला जया बलूनी पत्रकार वार्ता में मौजूद थे। अपराधियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि डालनवाला के साकेत कालोनी निवासी सुमित टंडन के आवास पर डकैती से पहले तीन अन्य घरों की ग्रिल चेक की गई थी। ग्रिल की खिड़की की अंदर से चटखनी लगी होने के कारण ग्रिल नहीं निकाल पाए थे। गैंग के दो सदस्य 26 अप्रैल की शाम को साकेत कालोनी पहुंच गए थे। रेकी करने के बाद रात दस बजे पास के एक बाग में आकर ठहर गए थे, जहां पर भोजन कर दो बजे के करीब घटनास्थल पर पहुंचे थे। तिहाड़ जेल में दुलाल और चांद की मुलाकात हुई थी। जहां से किसी शहर में बड़ी वारदात की योजना बनी थी। जेल से रिहा होने के बाद दुलाल ने अपने साथियों से संपर्क साधा और दिल्ली बुलाया। चांद की वैगन आर कार से यह गैंग दोनों बार देहरादून में वारदात अंजाम देने आया। एसएसपी की पत्रकार वार्ता के दौरान डालनवाला और हर्रावाला डकैती के शिकार दोनों परिवार मौजूद थे। सहायक कमांडेेंट ने बरामद माल की पहचान की।

 

कारोबारी सुमित टंडन का कहना है कि डकैती में गए उनके दोनों मोबाइल मिल गए हैं। साकेत कॉलोनी डकैती के बाद पुलिस को संदिग्धों की लोकेशन सुभाष रोड तक मिली थी। इसके बाद गिरोह के सभी सदस्यों ने मोबाइल बंद कर दिए। जबकि इस बार उन्होंने मोबाइल ऑन रखा। जिससे पुलिस उन तक पहुंच गई। एसएसपी ने बताया कि गैंग लीडर को पकड़ने के लिए टीम लगी हुई हैं, लेकिन उसकी लोकेशन नहीं मिल रही। संदेह है कि वह बांग्लादेश भाग गया है। यह गिरोह इससे पहले हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा हरियाणा में भी डकैती को अंजाम दे चुका है।

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