संजीवनी टुडे

News

हर्षद मेहता शेयर घोटाले में नया मोड़, हर्षद मेहता के भाई समेत 5 अन्य लोगों को दोषी पाया !

संजीवनी टुडे 29-11-2016 17:50:02

Harshad Mehta stock scams twist including Harshad Mehta brother indicted 5 people

दिल्ली। 24 साल पहले चर्चा में रहे हर्षद मेहता शेयर घोटाले में नया मोड़ सामने आया है। जस्टिस शालिनी फनसालकर जोशी ने इस मामले में दोषियों की याचिका खारिज करते हुए कहा ''24 साल पहले हुए इस घोटाले के तहत नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये निकालना एक गंभीर अपराध है।'' इस बड़े घोटाले के मुख्य आरोपी हर्षद मेहता के भाई समेत 5 अन्य लोगों को दोषी पाया गया है। कोर्ट ने उन्हें 700 करोड़ रुपये के घोटाले का दोषी करार दिया। 

हर्षद मेहता के अलावा भाई सुधीर और दीपक मेहता को भी दोषी पाया गया है। वहीं नेशनल हाउसिंग बैंक के अधिकारी सुरेश बाबू, सी. रविकुमार और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी आर. सीतारमन और एक स्टॉक ब्रोकर को 4 साल तक की सजा दी जा सकती है। और आरोपियों पर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार करने के जुर्म में 12 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

जस्टिस शालिनी फनसालकर जोशी ने इस मामले में तीन लोगों को बरी भी किया है। जिसमें एक हर्षद मेहता का कजिन हितेन मेहता भी है। घोटाले के वक्त हितेन मेहता 19 साल का था। 

आपको बता दे...
इस घोटाले की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगा था। हालांकि, साल 2002 में हर्षद मेहता की मौत हो गई थी। लेकिन बाकी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई जारी रखी। इन आरोपियों में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों समेंत स्टॉक ब्रोकर भी शामिल थे। 

आपको जानकारी दे...
सन 1990 में भारतीय अर्थव्यवस्था एक नए दौर से गुजर रहा था और ऐसे में इस बड़े घोटाले का खुलासा होने पर लोगों में गुस्सा देखा गया। हर्षद मेहता ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने बहुत तेजी से पैसे कमाए और इसी कारण से काफी समय तक चर्चाओं में भी रहे।

घोटाले का खुलासा...
सन 1992 में हर्षद मेहता के इस घोटाले का खुलासा हुआ था। हर्षद मेहता ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर मार्केट में कई परिवर्तन किए थे। उन्होंने बैंकों को बिना बताए नेशनल बैंक के करोड़ों रुपये के शेयर मार्केट में लगा दिए थे। बैंकों के नियम के मुताबिक वे आपस में अल्पावधि का लेन देन करते हैं जिसमें एक दूसरे को गारंटी के आधार पर ऋण दिया जाता है। हर्षद ने इसी का फायदा उठाया क्योंकि इन नियमों की उन्हें बारीकी से जानकारी थी।

अपने बैंको से कमाए अरबो ...
हर्षद मेहता ने अपने दो बैंक बनाए जिनमें बैंक ऑफ कराड  (बीओके) और मेट्रोपॉलिटन को-ऑपरेटिव (एमसीबी) थे। इन्हीं के आधार पर बैंकों से पैसा उधार लेकर शेयर मार्केट में लगाकर अरबों रुपया कमाता था। जिसका जल्द ही खुलासा हो गया था जिससे हर्षद को जेल हुई थी। उसके ऊपर 72 क्रिमिनल केस दर्ज किए गए।

हर्षद मेहता ने घोटाले को रफा दफा करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री को एक करोड़ रुपये की रिश्वत भी पेश की थी।

यह भी पढ़े : OMG! उम्र 10 साल, वजन 192 Kg... इतना मोटा की दूर-दूर से देखने आते है लोग

यह भी पढ़े....रेलवे का नया फैसला, अब बिना आधार के नहीं मिलेगा ट्रेन में रिजर्वेशन

यह भी पढ़े....पकडे गए फिल्मों को लीक करने वाले मुन्नाभाई

यह भी पढ़े : ऐसा केवल india में ही हो सकता है... देशी जुगाड़ देख मुस्कुरा देंगे आप !

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

 

More From crime

loading...
Trending Now
Recommended