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SBI के इन चार खातों में न्यूनतम बैलेंस न रहने पर नहीं लगता एक भी रुपए का चार्ज

Sanjeevni Today 17-07-2017 18:02:22

नई दिल्ली। बैंक किसी ग्राहक के खाते में न्यूनतम बैलेंस न रहने पर उससे चार्ज वसूलते हैं। लेकिन एसबीआई में कम से कम चार इस तरह के खाते हैं, जिनमें ग्राहक को 'औसत मासिक बैलेंस' बनाए रखने की अनिवार्यता नहीं होती है जिनमें ये बाध्यता नहीं है मतलब कि आप अपने खाते में मौजूद राशि में से कितनी भी राशि निकालकर खर्च कर सकते हैं।  और इस बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होती कि न्यूनतम बैलेंस बचा है या नहीं 

1. प्रधानमंत्री जन-धन एकाउंट

अगर आप न्यूनतम बैलेंस के चक्कर से मुक्ति पाना चाहते हैं तो  जन-धन खाता खुलवा सकते हैं यह खाता प्रधानमंत्री की योजना के तहत खुलवाए जाते हैं, ताकि देश के हर नागरिक के पास अपना खाता हो सके. इसके खाता धारकों को 1 लाख रुपए का दुर्घटमा बीमा कवर भी मिलता है। 

2. स्मॉल सेविंग बैंक एकाउंट

एसबीआई के छोटी बचत बैंक खाते में अधिकतम बैलेंस को 50,000 रुपये तक सीमित किया गया है, तथा इसमें जमा राशि पर नही ब्याज दिया जाता है, जो बचत खातों में मिलता है एक वित्तवर्ष में इसमें जमा कराई गई कुल राशि 1,00,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.

3. बेसिक सेविंग्स बैंक एकाउंट

अगर आपने भारतीय स्टेट बैंक में बेसिक सेविंग्स बैंक खाता खाता खुलवाया है तो भी आप न्यूनतम बैलेंस के झंझट से बच सकते हैं. इसमें न्यूनतम राशि की कोई सीमा नहीं होती है अगर इस तरह का कोई भी अन्य बचत खाता है तो उसे भी बेसिग सेविंग्स बैंक खाता खुलवाने के 30 दिन के अंदर बंद करवाना होगा। 

यह भी पड़े: SBI कार्ड ने अपने ग्राहकों को दिया बड़ा झटका, 2000 से कम के चेक पर देना होगा शुल्क

4. कॉरपोरेट सैलरी एकाउंट

न्यूनतम बैलेंस से बचाने वाला एक खाता है कॉरपोरेट सैलरी एकाउंट एसबीआई के कॉरपोरेट सैलरी खाते में कर्मचारी तथा नियोक्ता को कई प्रकार के फायदे दिए जाते हैं इस तरह के खाते से नियोक्ता के लिए काफी काग़ज़ी कार्यवाही तथा वेतन प्रबंधन के खर्चे कम हो जाते हैं. एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, इस तरह खाताधारक कर्मचारियों को बैंक की अन्य सुविधाओं के साथ-साथ इंटरनेट बैंकिंग तथा मोबाइल बैंकिंग की सुविधा मुफ्त मिलती है। 

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